नगर निगम भी नींद में
प्रदेश के नौ नगर निगम देहरादून, ऋषिकेश, हरिद्वार, रुड़की, कोटद्वार, श्रीनगर, हल्द्वानी, काशीपुर और रुद्रपुर ने अभी तक ओबीसी सर्वेक्षण की रिपोर्ट नहीं दी है।
परिसीमन और सीमांकन भी रोड़ा
राज्य सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में जो नए निकाय बनाए हैं, उनका न तो सीमांकन हुआ है और न ही परिसीमन। परिसीमन किए जाने के बाद ही ओबीसी सर्वे हो सकेगा।
ऐसे लटक जाएंगे चुनाव
प्रदेश में 102 निकायों में ओबीसी सर्वे की जो रिपोर्ट एकल सदस्यीय समर्पित आयोग को मिलेगी, उस पर आयोग आपत्तियां सुनेगा। आयोग के पदाधिकारी निकायों में जाकर सर्वे की हकीकत भी जानने में लगे हुए हैं। अगर सर्वे रिपोर्ट आने में चार से पांच माह और लगते हैं तो इसके बाद अपना काम पूरा करने को आयोग को कम से कम दो माह और चाहिएं। नवंबर में होने वाले निकाय चुनाव इससे लटक सकते हैं।
निकायों के सर्वे में काफी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। आयोग के माननीय अध्यक्ष ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। यही हाल रहा तो ओबीसी सर्वेक्षण मुश्किल हो जाएगा।
- ओमकार सिंह, सदस्य सचिव, एकल सदस्यीय समर्पित आयोग