सर्वेक्षण करते अधिकारी...
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चीन की हरकतों पर रहेगी नजर, देंगे तुरंत जवाब
उत्तरकाशी के इस क्षेत्र में 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान सेना, आईटीबीपी ने कैंप, चौकियां व बंकर बनाए थे, जो अभी भी हैं। लेकिन चीन सीमा के उस पार लगातार सैन्य गतिविधियां बढ़ा रहा है, जिससे सीमा के इस पार भी सैन्य विस्तार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पिछले दिनों केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय ने कई योजनाएं तैयार की हैं।
इसी कड़ी में सीमा पर सैन्य विस्तार के तहत सेना-आईटीबीपी को बंकर, चौकियां बनाने के लिए भूमि की जरूरत को देखा गया। इसके बाद सेना ने केंद्र को गंगोत्री नेशनल पार्क की 51 हेक्टेयर भूमि के हस्तांतरण का प्रस्ताव दिया। जिस पर जिस पर त्वरित कार्रवाई शुरू हो गई है। इससे चीन की हरकतों पर जहां नजर रहेगी वहीं उसको तत्काल जवाब दिया जा सकेगा।