आपदा में ऐसे काम करेगा आईआरएस
प्रारंभिक चेतावनी मिलने के बाद रिस्पांसिबल ऑफिसर (आरओ) संबंधित क्षेत्र की इंसिडेंट रिस्पांस टीम (आईआरटी) को सक्रिय करेगा। बिना किसी चेतावनी के किसी आपदा की स्थिति में स्थानीय आईआरटी काम करेगा। अगर जरूरी होगा तो वह आरओ को सहायता के लिए संपर्क करेगा। आईआरटी सभी स्तरों, यानी राज्य, जिला, उप-मंडल और तहसील, ब्लॉक पर पूर्व-निर्धारित होगी। अगर आपदा जटिल होगी और स्थानीय आईआरटी के नियंत्रण से बाहर होगी तो उच्च स्तरीय आईआरटी को सूचित किया जाएगा। इसके बाद उच्च स्तरीय आईआरटी इस पूरी आपदा से बचाव का जिम्मा संभालेगी। जहां जरूरत होगी, उस हिसाब से मैन पावर, संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
हमने आईआरएस की गाइडलाइन तैयार कर ली है। अब इसे लागू करने के लिए साफ्टवेयर बनवाया जा रहा है। इसके बाद आपदा प्रबंधन में और बेहतर तरीके से राहत एवं बचाव के कार्य किए जा सकेंगे।
- डॉ. रंजीत सिन्हा, सचिव, आपदा प्रबंधन