राज्य स्तर से लेकर गांव तक होगा समितियों का गठन
सारा के गठन के बाद इसमें राज्य स्तर पर एक हाईपावर समिति, जिलों में जनपद स्तरीय एग्जीक्यूटिव समिति और गांव स्तर पर धारा-नौला संरक्षण समिति का गठन किया जाएगा। ये समितियां राज्यभर के सभी नौले-धारों के साथ वर्षा आधारित नदियों की मैपिंग करेंगी। फिर संवेदनशील जल स्रोतों का चिन्हीकरण, चेकडैम का निर्माण, वर्षा जल संरक्षण के लिए पौधों का रोपण, चाल-खाल का निर्माण जैसे कार्य होंगे। इसके लिए जनसमुदाय को भी इनके उपचार में सहभागी बनाया जाएगा।
प्रदेश में नौले-धारों को संरक्षित और पुनर्जीवित करने को लेकर कवायद शुरू की गई है। इसके लिए स्प्रिंगशैड एंड रिवर रिजुविनेशन एजेंसी (सारा) के गठन का प्रस्ताव तैयार किया गया है। शीघ्र ही मुख्य सचिव के स्तर पर इसका प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। इसके बाद प्रस्ताव मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा। एजेंसी के बनने से जल संरक्षण की दिशा में बेहतर ढंग से काम हो सकेगा।
- आनंद बर्द्धन, अपर मुख्य सचिव, उत्तराखंड शासन