मशरूम की कई प्रजातियों में मंकी हेड मशरूम (हेरीशियम एरिनेशियस) सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इसमें कई प्रकार के जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं जिनकी वजह से जहां याददाश्त बढ़ेगी, वहीं कैंसर जैसी बीमारी भी दूर रहेगी। इसमें पाया जाने वाला विशेष प्रकार का तत्व टेरपेंस (हेरीशिनोंस एवं एरीनाइशींस के रूप में जाना जाता है) तंत्रिका तंत्र की वृद्धि का कारक माना गया है।
इसमें बीटा ग्लूकॉन पालीसैकराइड होता है, जो तंत्रिकाओं को पुनर्जीवित कर याद्दाश्त को बढ़ाने में सहायक है। मशरूम की कीमत 200 से 250 रुपये किलो है। एशिया के कई देशों में इसकी खेती होती है। पंतनगर विवि प्रशिक्षण के साथ अब बीज भी दे रहा है।
ताजे 100 ग्राम मंकी हेड मशरूम में प्रोटीन की मात्रा 2.4 ग्राम, कर्बोहाइड्रेट 3.6 जबकि ऊर्जा 24 कैलोरी होती है। इस मशरूम का लगातार सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी तेजी से बढ़ती है। इसमें लैटीनैन नामक पॉलीसेकराइड पाया जाता है जो कैंसर, अल्सर और आंत की बीमारियों में भी लड़ने में सहायक है। इसमें पाया जाने वाला नर्व ग्रोथ फैक्टर नरवस सिस्टम जबकि सेलेनियम लीवर को मजबूत करता है।
लिपिड मेटाबोलिज्म हाजमा दुरुस्त रखता है और बेमीटिया याददाश्त को बढ़ाता है। पॉल्मेटिक अम्ल, थ्रेइटाल और डीएर्वीटिनाल रक्त में शर्करा को नियंत्रित करने में सहायता करता है। उम्र बढ़ने के साथ कमजोर हो रही याददाश्त को बढ़ाने में सहायक यह मशरूम आने वाले बुढ़ापे की गति भी धीमी करता है। इसमें पाया जाने वाला इरिटाडीनाइन नाम रासायनिक यौगिक स्टेरालस एवं बीटा ग्लूकॉन रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने और हृदय रोग के खतरे को कम करने में भी सहायक है।
पंत विवि के वैज्ञानिकों ने दो वर्ष पहले इसे प्रयोग के तौर पर उगाया और अब लोगों को प्रशिक्षण के साथ बीज मुहैया करवाकर इसकी खेती को विस्तार दे रहे हैं। पंतनगर विवि की वेबसाइड पर मशरूम शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र की जानकारी दी हुई है, जहां से प्रशिक्षण कब और कैसे मिलेगा यह जानकारी मिल जाएगी।
मंकी हेड मशरूम स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक है और यह कई बीमारियों से लड़ने में सक्षम है। जीबी पंतनगर विवि में मशरूम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की टीम विगत दो वर्षों से इसकी व्यावसायिक खेती सहित बीज उत्पादन संबंधी अनुसंधान कार्य करा रही है।
- डॉ. केपीएस कुशवाहाए संयुक्त निदेशक मशरूम अनुसंधान केंद्र पंतनगर विवि