शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे की ओर से सरप्लस शिक्षकों के समायोजन के आदेश दिए गए थे । बताया गया था कि कई स्कूलों में इस तरह के शिक्षक हैं, जिनका समायोजन किया जाना है। तबादला एक्ट की धारा 27 के तहत इन शिक्षकों के मामले को शिक्षा निदेशालय की ओर से 13 दिसंबर 2019 को शासन को भेजा गया था।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी की ओर से 23 सितंबर 2020 को इन शिक्षकों के समायोजन की सिफारिश की गई। लेकिन मामला शासनादेश में हुई एक गलती के चलते लटक गया है। उधर एक शिक्षक ने आरोप लगाया कि शासनादेश में यह गलती जानबूझकर की गई है ताकि मामले को लंबे समय तक के लिए लटकाया जा सके।
शासनादेश में स्कूलों के बजाय अन्य विभाग में समायोजन लिखा गया है, जिसे संशोधन के लिए शासन को भेजा गया है। इसमें संशोधन के बाद ही सरप्लस शिक्षकों का समायोजन हो सकेगा।
-वीएस रावत, अपर निदेशक, बेसिक शिक्षा