हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकारी वाहनों पर पदनाम लिखने की छूट मिल गई है, लेकिन यह केवल सरकारी वाहनों पर ही लागू होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता आरएस राघव का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश का अध्ययन करने पर यह साफ हो जाता है कि कोई सरकारी अफसर अपने घर की प्राइवेट गाड़ी पर पदनाम नहीं लिख सकेगा।
हाईकोर्ट के जुलाई 2018 में पारित आदेश पर हमने पुनर्विचार याचिका दायर की थी। इस याचिका पर स्थायी अधिवक्ता ने हाईकोर्ट के ‘सरकारी’ शब्द हटाने के आदेश के बारे में अवगत कराया है। हालांकि अभी आदेश की कॉपी प्राप्त नहीं हुई है।
-एसके सिंह, परिवहन उपायुक्त