बेरोजगार युवाओं को अब सेवायोजन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे।
घर बैठे रजिस्ट्रेशन के साथ ही वे दस्तावेजों का सत्यापन भी कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें रजिस्ट्रेशन के बाद अपने सभी स्वप्रमाणित दस्तावेज भी स्कैन करके अपलोड करने होंगे।
अब तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद भी दस्तावेजों के सत्यापन (डॉक्यूमेंट वैरिफिकेशन) के लिए सेवायोजन कार्यालय आना पड़ता था। अब दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था भी ऑनलाइन होने से युवाओं को बहुत अधिक फायदा होगा।
मौजूदा व्यवस्था में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद युवाओं को अगले 15 दिनों के भीतर सेवायोजन कार्यालय पहुंचकर अपने सभी दस्तावेजों का सत्यापन करवाना होता है। इसके बाद ही पंजीकरण प्रभावी होता है और आवेदक को इसका कार्ड दिया जाता है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदक को कंप्यूटर प्रिंटेड रसीद मिलती है। इसमें अस्थायी आवेदन संख्या अंकित होती है। दस्तावेजों का सत्यापन पूर्ण होने के बाद आवेदक को पंजीकरण का कार्ड मिलता है, जिसमें स्थायी आवेदक संख्या होती है।
शासकीय सेवाओं में आवेदन करने के लिए सेवायोजन में पंजीकरण अनिवार्य है। इसलिए सेवायोजन कार्यालय में हमेशा बेरोजगार युवाओं की भीड़ रहती है। बहुत से युवा केवल भीड़ को देखते हुए ही सेवायोजन में पंजीकरण कराने से हिचकते हैं।
कई बार लंबी लाइनों में सुबह से शाम तक खड़ा रहने के बाद भी नंबर नहीं आता है। विशेषकर छुट्टियों के दौरान या ऐसे समय जब कोई सरकारी विज्ञप्ति निकली हो, सेवायोजन दफ्तरों में पैर रखने की भी जगह नहीं मिलती। ऐसे में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा से युवाओं को खासी राहत मिली।
अब दस्तावेज सत्यापन की व्यवस्था भी ऑनलाइन होने से युवाओं को बहुत अधिक फायदा होगा। इससे वह युवा भी पंजीकरण करा सकेंगे, जो दूर रहते हैं और दस्तावेज सत्यापन के लिए कार्यालय नहीं आ सकते।
अब युवाओं को ऑनलाइन पंजीकरण के बाद सेवायोजन कार्यालय नहीं आना होगा। उन्हें रजिस्ट्रेशन के समय अपने सभी दस्तावेजों की स्वप्रमाणित प्रति स्कैनकर अपलोड करनी होगी। इसके आधार पर आवेदक का पंजीकरण कर दिया जाएगा। बाद में नियोक्ता अपने अनुसार दस्तावेजों का सत्यापन कर सकता है।
- चंद्रकांता, उप निदेशक, सेवायोजन