फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand: कल हड़ताल पर रहेंगे प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी, अलग-अलग जगह पर करेंगे विरोध प्रदर्शन

Wed, 11 Feb 2026 09:42 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने और पावर सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर की जा रही है।
विज्ञापन
बिजली - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेश के बिजली कर्मचारी बृहस्पतिवार को एक दिन की हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान अलग-अलग जगह पर केंद्र के निजीकरण संबंधी बिल के विरोध में प्रदर्शन किया जाएगा।

विज्ञापन


फेडरेशन के चेयरमैन शैलेंद्र दुबे ने बताया कि देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में शामिल होंगे। यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने और पावर सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर की जा रही है।

दुबे ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। बिजली कर्मचारी, इंजीनियर, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी से 12 फरवरी की हड़ताल स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाई में से एक होगी। पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है।
विज्ञापन


Uttarakhand: सीएम ने की बैठक, कहा- ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन की एस्केप टनल के इस्तेमाल की कार्ययोजना बनाएं
विज्ञापन


हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना, नियमित पदों पर सीधी भर्ती करना तथा आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण भी शामिल है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने चिंता व्यक्त की है कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण (वितरण, उत्पादन और टीबीसीबी के जरिए ट्रांसमिशन) गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध है। इसलिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है। उत्तराखंड में यूजेवीएनएल मुख्यालय समेत अलग-अलग जगहों पर प्रदर्शन होंगे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें