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उत्तराखंड: सपा के सामने दोहरी चुनौती, संगठन को खड़ा करने के साथ चुनाव के लिए तलाशने होंगे मजबूत चेहरे

Sat, 10 Oct 2026 08:25 PM IST
Renu Saklani विजेंद्र श्रीवास्तव, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी को संगठन मजबूत करने और चुनावी चेहरों की तलाश, दोनों मोर्चों पर काम करना होगा। प्रदेश और जिला कार्यकारिणी का गठन बाकी है, वहीं चुनाव में गठबंधन या अकेले उतरने को लेकर भी पार्टी को रणनीति तय करनी है।
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सपा - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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विस्तार
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राज्य में सपा के सामने दोहरी चुनौती है। पहली संगठनात्मक ढांचा खड़ा करना और दूसरी विधानसभा चुनाव के मद्दनेजर मजबूत उम्मीदवार को उतारना। पिछले साल प्रदेश कार्यकारिणी भंग कर दी गई थी। लिहाजा नए प्रदेश अध्यक्ष को पहले कार्यकारिणी तैयार कर संगठनात्मक कार्यों को और गति देना है। इसी दौरान पार्टी को आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भी तैयारी में जुटना है।

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गठबंधन के तहत चुनाव में सपा उतरेगी या अकेले मैदान में आएगी, यह अभी तय होना बाकी है। बहरहाल, बाद में जिन सीटों पर सपा मैदान में उतरती है, उसके लिए पार्टी को चेहरे की तलाश भी करना होगा। जो दमखम के साथ चुनाव लड़ने के साथ ही संगठन को और पहचान को मजबूत कर सके। राज्य गठन के बाद से समाजवादी पार्टी को मजबूत करने के साथ ही विधानसभा में भेजने की कोशिश में रही थी। पर हालात करीब ढाई दशक पहले जैसे ही रहे हैं। कुमाऊं की बात करें तो हल्द्वानी और काशीपुर जैसी सीटों पर पार्टी ने ठीक प्रदर्शन किया था।

धानसभा चुनाव के बिगुल फूंकने में कुछ ही समय बचा
हल्द्वानी सीट पर वर्ष 2007 के चुनाव के दौरान तत्कालीन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने सभा की थी। इस चुनाव में पार्टी 21,500 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रही थी। इसी चुनाव में काशीपुर सीट पर भी सपा तीसरे स्थान पर रही। गढ़वाल मंडल में हरिद्वार सीट पर भी वर्ष 2007 और 2012 के चुनाव में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया था। 2013 के हल्द्वानी में मेयर के चुनाव में पार्टी ने मजबूत प्रदर्शन किया। वह वोटों के कम अंतराल से सीट हारी थी। इसके बाद सपा अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज नहीं कर सकी है।

 

 

डेढ़ साल पहले कार्यकारिणी को भंग किया गया। फिर करीब चार महीने पहले कार्यकारी अध्यक्ष बनाए गए। अब पार्टी ने नए प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीकी बने हैं, जो पार्टी में लंबे समय से जुड़े हैं और राज्य की राजनीति को समझते हैं। अब सपा के सामने संगठन प्रदेश और जिला कार्यकारिणी का गठन, संगठन विस्तार के साथ विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी करना है, जबकि विधानसभा चुनाव के बिगुल फूंकने में कुछ ही समय बचा है। ऐसे में पार्टी के सामने दोहरी चुनौती है।

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इस संबंध में प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल मतीन सिद्दीकी बताते हैं कि 20 से 25 दिन के अंदर कार्यकारिणी गठन करने का प्रयास रहेगा। रही बात चुनाव में उतरने की तो गठबंधन की बात चल रही है, अगर गठबंधन होता और जो सीटें मिलती हैं उस पर मजबूती से चुनाव लड़ा जाएगा। अगर गठबंधन नहीं होता है तो सभी सीटों पर पार्टी प्रत्याशी मैदान में उतारेगी।

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जल्द प्रदेश में कार्यकारिणी का गठन कर लिया जाएगा। राज्य में बेरोजगारी जैसे अहम मुद्दे हैं, इनको लेकर पार्टी जनता के बीच जाएगी। - सत्यनारायण सचान, राष्ट्रीय सचिव, सपा

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