उत्तराखंड क्रांति दल की केंद्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हरीश पाठक और सुरेंद्र कुकरेती को दल का कार्यकारी अध्यक्ष मनोनीत किया गया। बैठक में दल के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि 2022 के चुनाव में उक्रांद का बेरोजगारी मुख्य मुद्दा होगा। बैठक मेें प्रदेश में सशक्त भूू-कानून लागू करने एवं देवस्थानम बोर्ड को खत्म कर पूर्व व्यवस्था को बहाल किए जाने सहित 22 प्रस्ताव पास किए गए।
दल की सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में ललित बिष्ट को केंद्रीय चुनाव प्रभारी बनाया। उक्रांद के संरक्षक त्रिवेंद्र पंवार ने कहा कि उक्रांद ने इस राज्य का विचार दिया, बनाया और अब उक्रांद ही इस राज्य को बचा सकता है। संरक्षक नारायण सिंह जंतवाल ने पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया। पंतनगर विश्वविद्यालय ने पूरे देश को हरित क्रांति प्रदान करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई थी।
केंद्रीय कोषाध्यक्ष मोहन काला ने दल के वित्तीय प्रबंधन एवं दल की आईटी क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। बैठक में सशक्त भू कानून, गैरसैंण स्थायी राजधानी, स्थायी निवास 1950 को आधार माने जाने, सही परिसंपत्तियों का बंटवारा, सरकारी विभागों में खाली पदों को भरने, पंतनगर विश्वविद्यालय को पूर्ववत रखने, सदस्यता अभियान चलाने, उपनल या अन्य अस्थायी कर्मचारियों को स्थायी करने, आशा कार्यकर्ताओं व भोजनमाताओं को उचित मानदेय, राज्य में स्थापित कंपनियों में राज्य के स्थानीय युवाओं को 80 प्रतिशत रोजगार, कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली, राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, पिथौरागढ़ में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा हटाए गए 300 संविदा कर्मियों की विभाग में फिर से बहाली आदि 22 राजनीतिक प्रस्ताव पास किए गए। दल के प्रवक्ता विजय बौड़ाई ने बताया कि रविवार को रुड़की से एचके सिंह, डॉ महेश भंडारी, ज्योति ओली, अतुल बेंजवाल व तेजप्रकाश नौटियाल सहित कई युवाओं ने दल की सदस्यता ली। बैठक में संरक्षक त्रिवेंद्र पंवार, बीडी रतूडी, नारायण सिंह जंतवाल, अनुशासन समिति के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती, चंद्रशेखर कापडी, कोषाध्यक्ष मोहन काला, शिवानन्द चमोली, ब्रह्मानन्द डालाकोटी, अरुण शाह, राजेन्द्र नौटियाल, पान सिंह रावत आदि मौजूद रहे।