देहरादून जिले की 10 विधानसभा सीटों पर तैयारी कर रहे दावेदार काफी नाखुश हैं। उनकी बगावत को थामने में भाजपा और कांग्रेस के पसीने छूट रहे हैं। कई दावेदार निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान कर चुके हैं जबकि कई इस पर विचार कर रहे हैं। चकराता विधानसभा में भाजपा ने रामशरण नौटियाल को टिकट दे दिया। इससे यहां पूर्व में भी चुनाव लड़ चुकीं मधु चौहान खासी खफा बताई जा रही हैं। वह सोशल मीडिया में जिस तरह की पोस्ट डाल रही हैं, उससे उनके बागी होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। इससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। हालांकि कांग्रेस के लिए माहौल थोड़ा शांत नजर आ रहा है। विकासनगर में भाजपा और कांग्रेस के लिए ऐसे बागी अभी तक खुलकर सामने नहीं आए हैं।
सहसपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस के लिए हालात काफी चिंताजनक हो गए हैं। कांग्रेस से टिकट का दावा करने वाले राकेश नेगी खफा बताए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने अभी बगावत का एलान नहीं किया है। हालांकि भाजपा के लिए सहसपुर में इस बार हालात सामान्य नजर आ रहे हैं। धर्मपुर विधानसभा सीट में भाजपा के लिए अंदरखाने कई दावेदार खफा हैं। यहां पार्टी लगातार दावेदारों को मैनेज करने में जुटी हुई है। पार्टी नेता वीर सिंह पंवार तो खुलकर भाजपा प्रत्याशी विनोद चमोली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस के लिए यहां हालात सामान्य नजर आ रहे हैं।
रायपुर विधानसभा सीट पर पहले ही जिस विधायक उमेश शर्मा काऊ का विरोध हो रहा था, उन्हें भाजपा ने फिर प्रत्याशी बनाया है। उनके विरोधी सक्रिय हैं, जिसे रोकने में भाजपा पदाधिकारियों के पसीने छूट रहे हैं। कांग्रेस में भी यहां प्रभुलाल बहुगुणा सहित कई नेताओं ने दावा किया था, पार्टी ने यहां से हीरा सिंह बिष्ट को मैदान में उतार दिया है। दोनों ही पार्टियों के लिए यहां बगावती सुरों को दबाने की चुनौती बनी हुई है। देहरादून कैंट विधानसभा भाजपा व कांग्रेस के लिए काफी चुनौतियां पैदा कर रही है।
भाजपा ने यहां पूर्व विधायक स्व. हरबंस कपूर की पत्नी सविता कपूर को प्रत्याशी बनाया है तो कांग्रेस ने यहां पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को टिकट दिया है। दोनों ही दलों में तमाम दावेदार थे। भाजपा में जहां आदित्य चौहान, जोगेंद्र पुंडीर, दिनेश रावत सहित कई दावेदार थे तो कांग्रेस में भी इस सीट पर लालचंद शर्मा, वैभव वालिया जैसे कई नाम थे। दिनेश रावत तो खुलकर बगावत पर उतर भी आए हैं। उधर धस्माना के विरोध में भी कई दावेदार उतर आए हैं। ऋषिकेश में भाजपा के लिए थोड़ी गुटबाजी मुश्किलें पैदा कर रही है जबकि कांग्रेस के लिए भी आपसी तनातनी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। यहां कांग्रेस के कई दावेदार टिकट बदलने की मांग कर रहे हैं।
मैं घर बैठने वाला नहीं, खेल तो अब शुरू होगा : हरक
कांग्रेस में शामिल होने के बाद पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत अब विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावे करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि माहौल कांग्रेस के पक्ष में है, राज्य में कांग्रेस की ही सरकार बन रही है। चुनाव लड़ने की संभावना के सवाल पर हरक सिंह रावत ने कहा कि वह चुनाव लड़े या न लड़ें, लेकिन घर में बैठने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि खेल तो अब शुरू होगा।