पूर्व मुख्यमंत्री व कांग्रेस चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनिल बलूनी का भाजपा हुई हाउसफुल के बयान पर खूब चुटकी ली है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि लगता है उज्याड़ू बल्द से बहुत जल्दी मेरे प्रिय अनुज घबरा गए हैं। भाजपा में रह कर बलूनी बेशक दल-बदल कराने में पारंगत हो गए हों।
परंतु भाजपा अपने नेताओं व कार्यकर्ताओं का दलबदल-धन बल से दूसरी पार्टी की कीमत पर उनके अधिकार को लेकर किए जाने वाले मुखर विरोध से भी त्रस्त हो रही है। बलूनी को अपने घर को संभाल कर रखने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता ने भी भाजपा के दल-बदल के पाप को देखा है। सर्वोच्च न्यायालय ने भी इसको पाप माना था। उन्होंने कहा कि भाजपा बेशक नोटों के दम पर राजनीति को कुत्सित कर रही हो, अब उनके मंसूबे पूरे होने वाले नहीं हैं।
भाजपा का अपना कार्यकर्ता भी इस कुत्सित खेल का जमकर विरोध कर रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री ने अनिल बलूनी की दल-बदल के खिलाड़ी वाली छवि पर भी अपना अफसोस जताया और कहा कि कोई अच्छा सा ताला भी इस काम के लिए अभी से रख लें। रावत ने बजट के धन खर्च की सुस्ती पर भी राज्य सरकार को घेरा है और कहा कि कल मैंने बजट खर्च न करने के लिये उत्तराखंड सरकार पर कुछ सवाल दागे थे।
आज मैं फिर से केंद्र पोषित योजनाओं की स्वीकृति और केंद्र पोषित योजनाओं में धन न खर्च कर पाने की राज्य की असमर्थता पर सवाल उठा रहा हूं। जब आप पैसा खर्च नहीं करेंगे तो फिर बजट का आकार आप कितना ही बना लीजिये, कोई लाभ नहीं है। हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था का विस्तार रुक गया है, प्रति व्यक्ति औसत आय की वृद्धि दर जो हमारे समय में 37 प्रतिशत वार्षिक थी, वो अब घटकर के 8 प्रतिशत पर आ गई है। रोजगार वृद्धि दर शून्य से नीचे की तरफ, नकारात्मक दिशा की तरफ जा रही है।