हरीश रावत ने भी दिया बयान
इस मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का भी बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि जब हमने संस्कृत यूनिवर्सिटी बनाने की बात कही तो उस पर ध्यान नहीं दिया। अब किसी ने मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर कुछ कह दिया है तो भाजपा के लोग सोची समझी साजिश के तहत उस बयान को तूल दे रहे हैं।
बताया जा रहा है कि अकील अहमद सहसपुर सीट से कांग्रेस पार्टी की ओर से मजबूत दावेदारी पेश कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने हरेंद्र शर्मा पर भरोसा जताते हुए उनको टिकट थमा दिया। जबकि अकील अहमद निर्दलीय मैदान में उतर आए थे। इसके बाद पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की ओर से उनको मनाया गया। उनका यह बयान इसी परिपेक्ष में सामने आया है कि उन्होंने इन शर्तों पर अपना नामांकन वापस लिया है।
हरीश रावत के समय जुमे की नामज के लिए भी हुआ करती थी छुट्टी: धामी
ये कांग्रेस की नीति रही है। जब से देश आजाद हुआ है। तब से कांग्रेस तुष्टीकरण की राजनीति करती रही है। भाजपा ने हमेशा न्याय की बात कही है। एक तरफ कांग्रेस चारधाम की बात कर रही है। वहीं दूसरी ओर देवभूमि में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाने की पैरवी कर रही है। ये कांग्रेस की मानसिकता दर्शाती है। कि चारधाम में मुस्लिम यूनिवर्सिटी बनाकर वो क्या करना चाहती है। हरीश रावत पहले से इसके समर्थक रहे हैं। उनके समय में जुमे की नमाज पढ़ने के लिए भी छुट्टी हुआ करती थी। - पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री