बीते दिनों हल्द्वानी में सीएम की जनसभा से पूर्व भी हरक सिंह रावत कैबिनेट बैठक में इस्तीफे की घोषणा कर निकल गए थे, जिन्हें बाद में भाजपा ने मना लिया था। सीएम पुष्कर सिंह धामी का उनके साथ हंसते हुए भोजन करते एक वीडियो वायरल हुआ था। तब हरक सिंह ने पुष्कर सिंह धामी को छोटा भाई बताते हुए आशीर्वाद दिया था। 30 दिसंबर को हुई जनसभा में सबकी निगाहें हरक पर ही टिकी थी।
पीएम मोदी ने भी अपने संबोधन के बाद हरक की पीठ थपथपाकर ‘डैमेज कंट्रोल’ का प्रयास किया था। ऐसा लगा भी मानों भाजपा ने हरक सिंह रावत को मना लिया लेकिन हरक सिंह रावत की सीट बदलने और बहू के लिए टिकट की डिमांड ने प्रदेश भाजपा हाईकमान को असहज कर दिया। हरक सिंह शनिवार को एक बार फिर चर्चा में तब आए, जब वह प्रदेश भाजपा कार्यालय में कोर ग्रुप की बैठक में शामिल नहीं हुए।
आपदा में तो सांप-नेवला भी एक हो जाते हैं
बीते दिनों प्रदेश के पूर्व सीएम हरीश रावत को हरक सिंह रावत ने बड़ा भाई बताते हुए उनके खिलाफ कुछ भी बोलने से इंकार किया था। इसके बाद हरीश रावत ने उन्हें फोन कर कहा था कि आपदा में तो सांप और नेवला भी एक हो जाते हैं, फिर वे दोनों तो भाई हैं।