यशपाल आर्य कांग्रेस में रहते हुए पहले दलित मुख्यमंत्री बनते हैं तो इसमें हर्ज क्या है। यह कहना है नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह का। वह बोले- कांग्रेस में आंतरिक लोकतंत्र जिंदा है, यहां कोई भी कुछ भी बन सकता है। वह भले ही कुछ समय के लिए दूसरी पार्टी में चले गए थे, लेकिन मूल रूप से कांग्रेसी रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला कांग्रेस में विधायक और हाईकमान के स्तर पर ही होता है।
मंगलवार को विधानसभा स्थित हॉल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा अब लोगों के सामने आ गया है। यही वजह है कि लोग अब कांग्रेस की ओर लौटने लगे हैं। कांग्रेस ने जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक उठाया तो भाजपा को एक के बाद एक तीन मुख्यमंत्री बदलने पड़े।
उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल के कार्यकाल में बीजेपी अपने वादों पर पूरी तरह से विफल साबित हुई है। इस दौरान उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी को नाइट वॉचमैन बताया। कहा कि इसका मतलब होता है, सबसे कमजोर खिलाड़ी। कहा कि सरकार ने सौ दिन में लोकायुक्त लाने का वादा किया गया था, लेकिन सरकार इसको पूरा करने में विफल साबित हुई। सरकार अपने ही निर्णयों पर कायम नहीं रह पाई। लोकायुक्त, भू-कानून, गैरसैंण को मंडल बनाने सहित तमाम ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर सरकार घोषणा करने के बाद निर्णय नहीं ले पाई।
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प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चौपट
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से चौपट करके रख दिया है। राज्य में जीएसटी लागू होने से पांच हजार करोड़ रुपये राजस्व की क्षति हुई है। पेट्रोल के दाम सौ के पार चले गए हैं। महंगाई ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। रसोई गैस सिलिंडर के दाम भी आसमान छू रहे हैं। किसान सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं लेकिन सरकार के पास इन सबसे उबरने के लिए कोई नीति नहीं है।
सरिता आर्य नाराज हैं तो उनसे बात करेंगे
यशपाल आर्य के पार्टी में शामिल होने पर टिकट कटने की आशंका में नाराज चल रहीं वरिष्ठ नेता सरिता आर्य की नाराजगी पर प्रीतम बोले-वह परिवार की सदस्य हैं, उन्हें नाराज होने का पूरा हक है, लेकिन बातचीत कर उनकी नाराजगी को दूर किया जाएगा। पार्टी में किसी का भी अहित नहीं होने दिया जाएगा।
मैं सीएम की रेस में नहीं...
पार्टी में सीएम पद को लेकर छिड़े विवाद के सवाल पर प्रीतम ने कहा कि वह सीएम पद की रेस में शामिल नहीं हैं। वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं, उन्हें जो भी कार्य दिया जाएगा, उसे वह हृदय के साथ पूरा करेंगे।
उन चेहरों को लेकर क्या करेंगे, जिनकी उनके घर में ही पूछ नहीं : काजी
पत्रकार वार्ता में मौजूद एआईसीसी के सचिव और मंगलौर के विधायक काजी निजामुद्दीन की तरफ भी पत्रकारों से सवाल उछाले तो उन्होंने बेबाक अंदाज में जवाब दिए। सीएम पद के लिए दलित चेहरा ही क्यों, मुस्लिम चेहरा क्यों नहीं? के सवाल पर काजी बोले- पार्टी ने एआईसीसी में सचिव पद दिया, राज्य में लोक लेखा समिति के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी दी, ऐसे में उपेक्षा कहां हुई। भाजपा की एक महिला विधायक के पार्टी में पुन: वापसी पर बोले- जिनकी वहां पूछ नहीं, उन्हें यहां लाकर क्या करेंगे। उनसे वहां अपना विभाग तो संभाला नहीं जा रहा, यहां आकर वह क्या करेंगी। इशारा मंत्री रेखा आर्य की तरफ था।
आर्य की एंट्री पर पार्टी खेमों में श्रेय लेने की होड़
कद्दावर राजनेता यशपाल आर्य की कांग्रेस पार्टी में वापसी की पटकथा का किसने लिखी, इसको लेकर खेमेबाजी में बंटी कांग्रेस में श्रेय लेने की होड़ दिखाई दी। सोमवार को सोशल मीडिया पर तमाम खबरें ऐसी तैरीं, जिनमें नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह को इस पटकथा का नायक बताकर पेश किया गया। हालांकि प्रीतम सिंह की ओर से इस संबंध में कोई बयान सामने नहीं आया। इधर, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि यशपाल आर्य लंबे समय से पूर्व सीएम हरीश रावत के संपर्क में थे। उन्होंने पार्टी में वापसी की इच्छा जताई थी। उनके साथ कुछ अन्य विधायक भी पार्टी में शामिल होने वाले थे, लेकिन किन्हीं कारणों से कुछ समय के लिए उनकी पार्टी में ज्वाइनिंग टल गई है।