पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि वीर सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का सम्मान बहुत जरूरी है। सैनिकों की सीमा पर निगहबानी से हमारी सरहदें सुरक्षित हैं। स्वतंत्रता सेनानियों ने आजादी दिलाकर हमें अंग्रेजों से मुक्ति दिलाई मगर आज देश में राज करने वाले अपनी पहचान ही भूल गए हैं।
राविवार को पिथौरागढ़ पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विण में आयोजित सैनिक सम्मान कार्यक्रम में पूर्व सैनिकों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा सियाचिन स्ट्राइक, द्रास सेक्टर, कारगिल में घुसे देश के दुश्मनों का भगाने का काम सैनिकों ने ही किया। देश की सुरक्षा में सैनिकों ने कोई कसर नहीं छोड़ी है मगर आज भाजपा सरकार पूर्व सैनिकों के साथ छलावा कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुरानी गलतियों से कोई सबक नहीं लिया।
भाजपा ने ऐसे नियम बना दिए हैं, जिसका खामियाजा पूर्व सैनिकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा जो कौम अपने बुजुर्गों को भुला देती है, उस कौम की कभी तरक्की नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा 70 साल में देश में कांग्रेस शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक क्षेत्र में कई कार्य किए। पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसकी नींव रखी थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ हैं अगर देश में विकास हुआ है और वो भारत को विश्व में अमेरिका से आगे ले जाएं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिसने बुनियाद ढहाई है, वो खुद भी ढहा है।
पूर्व विधायक मयूख महर ने कहा पूर्व पीएम नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, मनमोहन सिंह ने देश के विकास में 1948 से 2014 तक कई कार्य किए। संचालन कै. दीवान सिंह वल्दिया ने किया। इस दौरान राज्यसभा सदस्य, ईसीएच कर्नल आरडी भट्ट, कांग्रेस जिलाध्यक्ष त्रिलोक महर, भुवन पांडेय, मुकेश पंत, मनोज ओझा, ऋषेंद्र महर, दिनेश बिष्ट, पवन माहरा, दीपक लुंठी समेत कई शामिल रहे। कार्यक्रम में कर्नल रामदत्त जोशी को भी श्रद्धांजलि दी गई।