आम आदमी पार्टी के नेता कर्नल अजय कोठियाल ने कहा कि उत्तराखंड में आप की सरकार बनेगी तो दिल्ली सरकार की तरह शहादत पर एक करोड़ की राशि दी जाएगी। जबकि प्रदेश सरकार सिर्फ शहीदों के आंगन से मिट्टी लाने तक सीमित है।
कोठियाल ने कहा कि दिवंगत सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद उनके परिजनों के प्रति सरकार का उदासीन रवैया है। इससे शहीद और सैनिकों की बात करने वाली भाजपा का दोहरा चरित्र सामने आता है। हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शहीद सैन्य अधिकारियों व जवानों को उनके राज्य ने आर्थिक सहायता राशि की घोषणा कर दी, लेकिन उत्तराखंड के रहने वाले और उत्तराखंड की शान शहीद जनरल बिपिन रावत के परिवार को अभी तक राज्य सरकार ने कोई आर्थिक मदद की घोषणा नहीं की है।
तमिलनाडू के कन्नूर में हेलीकॉप्टर हादसे में शहीद हुए विंग कमांडर पीएस चौहान को 50 लाख, स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह को एक करोड़, लांस नायक जितेंद्र कुमार को एक करोड़, लांस नायक बीसाई तेजा को 50 लाख, लांस नायक विवेक कुमार को पांच लाख, हवलदार सतपाल राय व नाइक गुरसेवक सिंह को अनुग्रह राशि देने का एलान कई राज्यों ने किया है।
कोठियाल ने कहा कि आप की सरकार आते ही शहीदों को एक करोड़ की राशि दी जाएगी। जिन्होंने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उन सबके परिजनों का ख्याल रखना हमारी सरकार की पहली जिम्मेदारी होगी। यही सही मायने में शहीद का सम्मान होगा।
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‘दिल्ली आइए दिखा देंगे स्कूलों के विकास का मॉडल’
आम आदमी पार्टी के नेता कर्नल अजय कोठियाल ने पूर्व सीएम हरीश के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने चुनौती दी कि दिल्ली आइए दिखा देंगे स्कूलों के विकास का मॉडल कैसा होता है। ईमानदारी से काम हो तो सब संभव होता है।
पूर्व सीएम हरीश रावत के दिल्ली के स्कूलों की बदहाली पर सवाल उठाने पर कोठियाल ने उन्हें दिल्ली आकर स्कूलों के विकास का मॉडल देखने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि काशीपुर में आप की रैली में उमड़ी भीड़ और लगातार आप के बढ़ते जनाधार से कांग्रेस नेता बौखलाहट में इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं। दिल्ली के स्कूलों के मॉडल को पूरा देश जानता है। जहां से सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे नीट, इंजीनियरिंग जैसे परीक्षाओं में निकल रहे। स्कूलों के बेहतर मॉडल और शानदार शिक्षा व्यवस्था के चलते लोग प्राइवेट स्कूलों से अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में डाल रहे हैं। सरकारी स्कूल का पूरा सिस्टम बदल गया।
उन्होंने कांग्रेस नेेताओं से सवाल किया कि उत्तराखंड में अच्छे सरकारी स्कूल नहीं होने चाहिए। जहां 12वीं तक की पढ़ाई मुफ्त हो, किताबें फ्री में मिलती हो। कोचिंग की व्यवस्था फ्री हो। जहां स्कूलों का आधारभूत ढांचा शानदार हो। आप की बढ़ती लोकप्रियता से कांग्रेस और बीजेपी दोनों घबरा चुकी है और शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मूलभूत मुद्दों पर काम करने के बजाय इस पर राजनीति कर रहे हैं। जबकि उत्तराखंड की इस दशा के लिए ये दोनों दल ही पिछले 21 सालों से जिम्मेदार हैं।