विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का घोषणा पत्र जारी करने के बाद प्रेस को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम व चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र को उत्तराखंडी स्वाभिमान प्रतिज्ञा पत्र के रूप में प्रस्तुत किया है। अगले पांच साल के लिए उत्तराखंड की जनता हमें जो आशीर्वाद प्रदान करेगी, यह घोषणा पत्र उसका एक्शन प्लान है। हम इसे एक प्रतिज्ञा के साथ एक्शन प्रोग्राम की तरह ले रहे हैं।
घोषणापत्र में 2016 बगावत के जख्म का जिक्र
पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत बेशक कांग्रेस में वापसी कर चुके हैं, लेकिन पार्टी 2016 की बगावत को नहीं भूली है। बगावत के जख्म अब भी हरे हैं, यह उसके चुनावी घोषणापत्र से जाहिर हो जाता है। कांग्रेस के प्रतिज्ञा पत्र में 2016 की बगावत का जिक्र है। बुधवार को जब प्रतिज्ञा पत्र जारी किया गया तो इसमें 2016 में सरकार गिराने का जिक्र भी प्रमुखता से किया गया। अपने प्रतिज्ञा पत्र में कांग्रेस ने कहा कि वर्ष 2016 में कांग्रेस की सरकार को धनबल के आधार पर गिराने का अलोकतांत्रिक कार्य बीजेपी के ऊपर कलंक का धब्बा है, जो न्याय व्यवस्था के इतिहास में हमेशा पढ़ा जाएगा। यह अलग बात है कि इस घोषणा पत्र को जारी करते वक्त 2016 के उस राजनीतिक घटनाक्रम में सक्रिय भूमिका निभाने वाले हरक सिंह रावत भी कांग्रेस के साथ मंच पर खड़े थे।
गैरसैंण को राजधानी बनाने का संकल्प
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के एजेंडे में प्रमुखता से शामिल गैरसैंण को कांग्रेस के घोषणापत्र में जगह मिली है। पार्टी के मुताबिक, हिमालयी राज्य की जमीनी हकीकत को स्वीकारते हुए गैरसैंण को राजधानी बनाना है। इसके लिए पार्टी कृतसंकल्प है। प्रदेश की राजनीति में प्रमुखता से गरमाने वाले भू कानून के मुद्दे को कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में स्थान दिया है। धामी सरकार ने इस मुद्दे पर पहले ही एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है, लेकिन कांग्रेस सत्ता में आने पर भूमि व्यवस्था सुधार आयोग का गठन करेगी, जो भू कानून बनाएगा।
चारधाम पर भी रहेगा फोकस
घोषणापत्र में चारों धामों पर फोकस किया गया है। कहा गया है कि सरकार गठन पर चारों धामों और आस्था, धर्म और संस्कृति के सभी केंद्रों को परंपराओं और मान्यता के अनुरूप स्थानीय धार्मिक विद्वानों, पुरोहितों व पंडा समाज के दिशा निर्देश के अनुसार संचालित करेगी। सभी हितधारकों के लिए सर्व समावेशी मोबाइल एप्लीकेशन बनाया जाएगा।
देश में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और अवस्थापना विकास के लिए कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कई वादे किए हैं। वादा किया कि सत्ता में आने पर 50 बेड क्षमता वाले अस्पतालों को क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के दायरे से बाहर किया जाएगा और दूरस्थ क्षेत्रों में एयर व बाइक एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी।
घोषणापत्र एक नजर में...
- 500 के पार नहीं जाएगा गैस सिलिंडर। अगर उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार आई तो बाकी की भरपाई सब्सिडी के रूप में सरकार वहन करेगी।
- चार लाख लोगों को रोजगार दिया जाएगा।
- पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा।
- जिलों में पर्यटन पुलिस की एक अलग फोर्स का गठन होगा।
- आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में डेढ़ गुना वृद्धि की जाएगी।
- कोरोना काल में त्रस्त परिवारों को सालाना 40000 रुपए की मदद की जाएगी।
- स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव व घर-घर तक पहुंचाने के लिए नई तकनीक का प्रयोग किया जाएगा।
- पीजी छात्रों को 500000 रुपए तक के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड दी जाएंगी।
- सरकारी नौकरियों पर लगी रोक को हटाया जाएगा वर्तमान में 57000 रिक्त पद हैं, जिनको पहले साल में भरा जाएगा।
- राज्य में लोकायुक्त व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
- अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में ब्लॉक कैडर व्यवस्था को लागू किया जाएगा।
- राज्य पुलिस कर्मियों को 46 सौ ग्रेड पे दिया जाएगा।
- राज्य में पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाई जाएगी।
- मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ यात्रा को फिर से शुरू किया जाएगा।
- कड़ा भू कानून बनाया जाएगा।
- अति लघु, उद्यम एवं स्वरोज के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जो कि स्वरोजगार के नए अवसर तलाशने के साथ ही ट्रेनिंग, आर्थिक मदद आदि की उपलब्ध कराएगी।
- साहित्य व रंगमंच को प्रोत्साहन के लिए उत्तराखंड साहित्य अकादमी, उत्तराखंड फिल्म अकादमी और उत्तराखंड रंग कला अकादमी की स्थापना की जाएगी।
- साहसिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए साहसिक खेल अकादमी की स्थापना की जाएगी।
- पूर्व सैनिकों की समस्याओं के निवारण के लिए पूर्व सैनिक कल्याण परिषद का गठन किया जाएगा।
- सेना सुरक्षा बलों से जुड़े समन्वित विचार के लिए बाह्य और आंतरिक सुरक्षा बल आयोग का गठन किया जाएगा।
- कृषि, उद्यान, पशुपालन और वन विभाग के बीच तालमेल बनाने के लिए ग्राम विकास आयोग का गठन किया जाएगा।
- प्रदेश में पर्यटन पुलिस की स्थापना की जाएगी, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- वन विभाग और पर्यटन विभाग के बीच तालमेल के लिए नई कार्यदायी संस्था का गठन किया जाएगा।
- अप्रवासी उत्तराखंडी आयोग का गठन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों के सफल उत्तराखंडियों को सदस्य बनाया जाएगा। यह आयोग अप्रवासियों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करने का काम करेगा।
- विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों को शामिल करते हुए राज्य योजना आयोग का गठन होगा, जो कि नियमित अंतराल पर सरकार की योजनाओं का विश्लेषण और मूल्यांकन करेगा।
- सीमांत क्षेत्रों के लिए सीमांत क्षेत्र विकास प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी। यह प्राधिकरण सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक, शैक्षिक व सामाजिक योजनाओं के क्रियान्वयन में सहयोग करेगा।
- राज्य आंदोलनकारी परिषद का पुनर्गठन कर इसे सशक्त बनाया जाएगा।
- सरकारी योजनाओं के प्रभावी कार्यक्रम क्रियान्वयन और समीक्षा के लिए नियोजन मंत्रालय के अंतर्गत प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन एवं इवेल्यूएशन विभाग स्थापित किया जाएगा।
- पत्रकारों के लिए पत्रकार कल्याण बोर्ड और हर जिला स्तर पर पत्रकार ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी का गठन किया जाएगा।
- पंजाबी अकादमी की स्थापना के प्रयास किए जाएंगे।
- प्रदेश में सड़कों की सुरक्षा के मद्देनजर, नई सड़क निर्माण, पुरानी सड़कों को ठीक करने के लिए राज्य राजमार्ग विकास प्राधिकरण (स्टेट हाईवे अथॉरिटी) की स्थापना की जाएगी।
- कोरोना जैसी महामारी पर काबू करने के लिए कांग्रेस ने महामारी न्यूनीकरण विशेषज्ञ संस्थान की स्थापना की घोषणा की है।