कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देशभर से पधारी महिला मोर्चा की पदाधिकारियों का उत्तराखंड आने पर स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी एक ऐसा दल है, जिसमें कब, कहां, कौन पद किसे दे दिया जाए, उसे भी पता नहीं होता। हम सबको अपने दायित्वों को बखूबी निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पूरे देश से अपेक्षित 160 कार्यकर्ताओं में से 140 कार्यकर्ता देहरादून में पहुंचीं हैं। यह हम सब के लिए प्रेरणा का विषय है। कहा कि देश में इतने कार्य हुए हैं कि मात्र सात सालों का कार्यकाल 60 वर्षों पर भारी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में मातृशक्ति के लिए दर्जनों योजनाएं लागू की गई हैं, जिनसे मातृशक्ति का विकास तेजी से हो रहा है। उन्होंने मातृशक्ति से आग्रह किया कि प्रदेश को संस्कृति एवं आध्यात्मिक राजधानी बनाएं।
दुष्यंत जी ने कहा था, अपनी चिंता न करना, पार्टी तुम्हारी चिंता करेगी
प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी जब भाजपा महिला मोर्चा राष्ट्रीय कार्यसमिति में पहुंचे तो खुद को कार्यकर्ताओं के बीच पाकर भावुक हो गए। उन्होंने बेहद भावुक अंदाज में अपने मन की बात बताकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में जोश भरा।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि जब वर्ष 2017 में सरकार बनी तो मुझे लगता था कि शायद मैं मंत्री बनूं क्योंकि मैं जिस खटीमा सीट से जीत रहा हूं, वह भाजपा की नहीं मानी जाती थी, लेकिन मंत्रिमंडल में मेरा नाम नहीं था। फिर सांसद के चयन में उम्मीद पाली, लेकिन नाम नहीं आया। फिर पार्टी अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू हुई तो मुझे दो बार युवा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष रहने के नाते खुद के भाजपा अध्यक्ष बनने की आस जगी, लेकिन यहां भी नाम नहीं आया। इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं। तीरथ सिंह रावत को विधानमंडल दल का नेता चुना गया।
फिर एक बार मुझे मंत्री बनने की आस जगी, लेकिन मंत्रिमंडल में मेरा नाम नहीं आया। मैं पार्टी के सच्चे सिपाही के तौर पर काम करता रहा। इस बीच प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम जी ने कहा कि पुष्कर तुम अपनी चिंता मत करना, तुम्हारी चिंता पार्टी करेगी। फिर राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं। विधानमंडल दल की बैठक हुई, बैठक में मैं सबसे पीछे बैठा था। तब मेरे नाम की घोषणा हुई। मैं नड्डा जी से मिला तो मैंने उन्हें कहा कि थोड़ा पहले बता देते। तो उन्होंने कहा कि हमें विश्वास था कि तुम इस काम को बेहतर करोगे। उन्होंने कहा कि भाजपा ही अकेली ऐसी पार्टी है, जिसमें किसी भी कार्यकर्ता को कोई भी जिम्मेदारी किसी भी समय दी जा सकती है।