शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी को अदालत ने भगोड़ा घोषित कर दिया है। 13 साल पुराने मामले में उनके खिलाफ कुर्की वारंट जारी किया गया है।
खास बात यह है कि डेढ़ माह से पुलिस वारंट तामील नहीं करा पा रही है। दून और टिहरी पुलिस मामले में एक दूसरे पर जिम्मा डाल रही हैं।
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रोजगार दिलाने की मांग कर रहे
शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी पर आरोप है कि 25 मार्च, 2000 को उन्होंने देहरादून कचहरी परिसर में खुद पर मिट्टी तेल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था। वह प्रशिक्षितों को रोजगार दिलाने की मांग कर रहे थे।
इससे एक दिन पहले उन्होंने उत्तराखंड बेरोजगार महासंघ के पैड पर एडीएम दून को भेजे ज्ञापन में आत्महत्या की चेतावनी दी थी।
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धारा चौकी के तत्कालीन एसआई अरविंद सिंह रावत ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि 25 मार्च को दोपहर डेढ़ बजे नैथानी महासंघ के मंडलीय अध्यक्ष कमल रतूड़ी संग कचहरी पहुंचे और भाषण के बाद आत्मदाह का प्रयास किया।
माचिस कब्जे में लेकर गिरफ्तार
रिपोर्ट के मुताबिक नैथानी के माचिस जलाते ही एसएचओ कोतवाली जसवंत सिंह, एसओ कैंट अजय चौहान, एसओ रायपुर मान सिंह, एसआई लक्खीबाग श्रवण सिंह ने मिट्टी तेल का जेरकीन और माचिस कब्जे में लेकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
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मामले में कई बार वारंट के बावजूद नैथानी अदालत में पेश नहीं हुए। 13 सितंबर 2013 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव कुमार ने धारा 82 (भगोड़ा) व 83 (कुर्की) के वारंट तामील करने के आदेश पुलिस को दिए।
लेकिन दून पुलिस ने इस पर अमल के बजाय मामला टिहरी पुलिस के जिम्मे डाल दिया। एसएसपी केवल खुराना ने 19 अक्तूबर को एसपी टिहरी को भेजे पत्र में वारंट तामील कराने के लिए कहा।
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नहीं मालूम, कहां रहते हैं मंत्री
21 अक्तूबर 2013 को अदालत को सौंपी रिपोर्ट में टिहरी पुलिस ने बताया कि उनके टिहरी के पते टी-2, बी 93 कोटी कालोनी टिहरी पर सूचना आयुक्त राजेंद्र प्रसाद कोठियाल रह रहे हैं, जबकि टी-2, बी 97 में हरिकांत रह रहे हैं।
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वार्ड के पूर्व सदस्य से पूछा तो पता चला कि नैथानी 12 साल से इस पते पर नहीं रह रहे हैं। टिहरी पुलिस ने कहा कि नैथानी वर्ष 2000 में ही दून चले गए थे, उनका पता मालूम करने की कोशिश की गई लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
सरकार ने दिया है मामला वापस लेने का आदेश
प्रदेश सरकार ने शिक्षा मंत्री के खिलाफ मामले को वापस लेने के आदेश दिए हैं। संयुक्त सचिव जेपी जोशी ने 19 अक्तूबर को डीएम देहरादून बीवीआरसी पुरुषोत्तम को दिए आदेश में कहा कि शिक्षा मंत्री और कांग्रेस के चमोली जिले के महामंत्री कमल रतूड़ी के खिलाफ दर्ज मामला वापस लिया जाए।
इनकी भी सुनिए
प्रशिक्षित बेरोजगारों के लिए रोजगार की मांग पर हमने आंदोलन किया था। एलटी, बीपीएड, पालीटेक्निक सहित तमाम प्रशिक्षितों को रोजगार नहीं मिल रहा था।
- कमल रतूड़ी, जिला महामंत्री कांग्रेस