प्रदेश में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली की कार्यक्षमता परखने और लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 बजे सायरन बजाकर मॉक ड्रिल की गई। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, परीक्षण के दौरान राज्य में स्थापित 112 सायरनों पर अलर्ट प्राप्त हुआ। साथ ही भूदेव मोबाइल एप पर भी परीक्षण चेतावनी जारी हुई।
परीक्षण के दौरान सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) में मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की निगरानी की। आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक भी ऑनलाइन माध्यम से केंद्र से जुड़े रहे। इस दौरान सायरनों की कार्यप्रणाली और मोबाइल एप पर प्राप्त चेतावनी का परीक्षण किया गया।
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सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि परीक्षण काफी हद तक सफल रहा। जिन स्थानों पर सायरनों के संचालन में तकनीकी दिक्कतें सामने आई हैं, उन्हें आईआईटी रुड़की के वैज्ञानिक चिह्नित कर रहे हैं। आकलन कर उन्हें दूर किया जाएगा, ताकि सभी सायरन जरूरत के अनुसार प्रभावी ढंग से काम कर सकें। वर्तमान में प्रदेश में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली के तहत 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित हैं।
हर माह नौ तारीख को होगा परीक्षण
मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन के अनुसार, हर माह की नौ तारीख को पूर्वाह्न 11 बजे सायरन बजाकर प्रणाली का नियमित परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान सायरनों की कार्यक्षमता जांची जाएगी। किसी भी स्थान पर तकनीकी समस्या मिलने पर उसे तत्काल दूर करने की कार्रवाई की जाएगी।