उत्तराखंड की हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने एक साल की जांच के बाद दुष्कर्म के आरोप में शहर के डॉक्टर और उसके भाई को गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि डॉक्टर ने अपनी ही नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म किया था। दोनों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को अदालत में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में दोनों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार भोटिया पड़ाव क्षेत्र निवासी एक अस्पताल के मालिक डॉक्टर की शादी वाराणसी की एक महिला डॉक्टर से हुई थी। डॉक्टर की एक सात साल की बेटी है। पुलिस को दी तहरीर में महिला डॉक्टर ने कहा था कि दो साल पहले डॉक्टर अपनी बेटी को वाराणसी से लेकर आए थे। आरोप है कि इस दौरान नशे में डॉक्टर ने बेटी से दुष्कर्म किया। घटना 23 मार्च 2018 की बताई जा रही है।
इस मामले में डॉक्टर के भाई ने भी साथ दिया था। विरोध करने पर डॉक्टर ने बेटी की पिटाई भी की। घटना की जानकारी पर डॉक्टर की पत्नी ने पति और उसके भाई के खिलाफ वाराणसी के लंका थाने में दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।
इस मुकदमे को वाराणसी से हल्द्वानी कोतवाली स्थानांतरित किया गया। कोतवाली की उपनिरीक्षक गुरविंदर कौर ने छह सितंबर 2019 से मुकदमे की विवेचना शुरू की। इस बीच वह कई बार बयान लेने के लिए वाराणसी भी गईं। कोतवाल संजय कुमार ने बताया कि मामले में पुलिस ने डॉक्टर और उनके भाई को घर से गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ धारा 323, 506, 376(2) डी-5एमएनजी -6 पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है।