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भगवान कृष्ण के जन्मदिन पर दिखेगी ‘जल-प्रलय’

Mon, 26 Aug 2013 06:10 PM IST
अमर उजाला, नलिनी गुसाईं, देहरादून
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इस बार भगवान श्री कृष्ण के जन्म दिन पर ‘जल-प्रलय’ दिखाई देगी। राजधानी देहरादून के कालिका माता मंदिर में विशेष रूप से केदारनाथ में आई आपदा की झांकी तैयार की जा रही है।
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लाइट और साउंड से इसे इतना प्रभावित बनाया जा रहा है कि टूटते पहाड़, भरता पानी सब लगभग वैसा ही दिखाई देगा जैसा कि केदारनाथ में आई आपदा के दिन घटित हो चुका है।

इस बार जन्माष्टमी के मौके पर सभी जगह आपदा का असर दिखाई देगा। कहीं झांकी के माध्यम से आपदा के दर्द को फिर से उभारा जाएगा तो कहीं आपदा में मारे गए लोगों के लिए दीपदान कर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
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कहीं कार्यक्रम का स्वरूप ही छोटा कर दिया गया है। तो कहीं शोभायात्रा ही स्थगित कर दी गई है। कालिका माता मंदिर में आपदा की झांकी तैयार की जा रही है। तेज बारिश, बादलों की गड़गड़ाहट, मंदिर का दृश्य, रास्तों पर बहता पानी सब कुछ यहां झांकी के माध्यम से दिखाया जाएगा। इन झांकियों के बीच हो रहा होगा शिव का तांडव भी।  मंदिर समिति के प्रमोद कुमार ने बताया कि लाइट-साउंड, बैनर्स आदि के माध्यम से झांकी को प्रभावित बनाया गया है।  

501 दीयों से होगा दीपदान
श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में 501 दीयों से दीपदान होगा। जन्माष्टमी की पूर्व संध्या पर इस दीपदान के माध्यम से आपदा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। मंदिर समिति के संजय गर्ग ने बताया कि समिति की ओर से भले ही 501 दीए जलाकर प्रार्थना की जाएगी लेकिन बाकि श्रद्धालु अपनी-अपनी श्रद्धानुसार यहां पहुंच कर दीपदान कर सकते हैं। इसके साथ ही इस बार झांकियों में हवा में उड़ते शिवजी विशेष होंगे।

शोभायात्रा हुई स्थगित
पटेलनगर स्थित श्री श्याम सुंदर मंदिर से हर बार जन्माष्टमी के अवसर पर शोभायात्रा निकाली जाती है। आपदा के दर्द को देखते हुए इस बार मंदिर समिति की ओर से शोभायात्रा स्थगित कर दी गई है। समिति के प्रचार मंत्री भूपेंद्र चड्डा ने बताया कि समिति के पदाधिकारियों के निर्णय के बाद ऐसा किया गया हालांकि भजन संध्या आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।

सतरंगी कान्हा संग प्रार्थना
गीता भवन में इस बार कान्हा सतरंगी रूप में दिखाई दे रहे हैं। कान्हा को अलग-अलग तरह की लाइटों के प्रभाव से अलग-अलग रंग दिए गए हैं। इन्हीं सतरंगी कान्हा संग इस बार आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी। मंदिर के मुख्य पुजारी भगवती प्रसाद थपलियाल ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर सभी श्रद्धालु मिलकर प्रार्थना करेंगे। इसके साथ ही जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण रासलीला का आयोजन किया जाएगा।
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