मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इससे पहले शनिवार को भी आपदा पीड़ितों के बीच पहुंचे। उन्होंने चंपावत और पिथौरागढ़ में आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक भी दूसरे दिन नैनीताल जिले में डटे रहे। उधर, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह ने भी आपदाग्रस्त क्षेत्रों में पहुंचकर पीड़ित परिवारों से दुख-दर्द साझा किया।
लगातार पांचवें दिन मुख्यमंत्री ने पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने हर इलाके में हुए नुकसान की जानकारी ली। वह प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अपने हाथों से सहायता राशि के चेक वितरित किए। शनिवार को मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने के लिए चंपावत, पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और नैनीताल के दो दिवसीय दौरे पर रवाना हुए। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने चंपावत और पिथौरागढ़ के आपदाग्रस्त गांवों में पहुंचकर सभी पीड़ितों से मुलाकात की।
उनकी परेशानियां पूछीं और अधिकारियों को उनके समाधान के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आपदाग्रस्त क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को तत्काल बहाल करने के निर्देश दिए। हर जिले में अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्हें दिशा निर्देश जारी किए। 19 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन मंत्री डा. धन सिंह रावत के साथ रुद्रप्रयाग और फिर नैनीताल जिले से अपने दौरे की शुरुआत की।
20 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने हल्द्वानी, रुद्रपुर, किच्छा, खटीमा, काशीपुर आदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। 21 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ आपदाग्रस्त क्षेत्रों का हवाई दौरा किया और अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। 22 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने सीमांत जिला चमोली के आपदा प्रभावित गांव डूंगरी पहुंचकर आपदा पीड़ितों का हाल जाना।