मामला बढ़ने पर धूम सिंह नेगी पेड़ों पर चिपक गए और रात भर जंगल में ही मोर्चे पर डटे रहे, जिससे हरे-भरे पेड़ कटने से बच गए। इसके साथ ही धूम सिंह नेगी ने शराबबंदी आंदोलन, भूदान आंदोलन, बांध विरोधी आंदोलन, चिपको आंदोलन को भी पंख लगाए। शराबबंदी आंदोलन चलाने पर उन्हें दो बार जेल की हवा भी खानी पड़ी।
जन सरोकारों से जुड़े धूम सिंह नेगी को बृहस्पतिवार को मुंबई स्थित ताज होटल में उपराष्ट्रपति वैंकेया नायडू ने 10 लाख रुपये के नकद पुरस्कार और ट्राफी देकर सम्मानित किया। उनके साथ उनकी पत्नी रेणू नेगी और पुत्र अरविंद भी मौजूद रहे। सर्वोदयी नेता को जमनालाल बजाज पुरस्कार सम्मान दिए जाने से स्थानीय लोगों ने खुशी जताई है।