उत्तराखंड भी मोटापे के रोग से मुक्त नहीं
उत्तराखंड राज्य भी मोटापे के रोग से मुक्त नहीं है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के आंकड़े इसकी तस्दीक कर रहे हैं। साथ उस धारणा को भी तोड़ रहे हैं कि मैदान की तुलना में पहाड़ के लोगों में कम मोटापा होता है। इसके मुताबिक, 2015-16 में उत्तराखंड में 17.7 प्रतिशत पुरुषों में और 20.4 प्रतिशत महिलाओं में मोटापा था जो 2019-21 में पुरुषों 27.1 प्रतिशत और महिलाओं में 29.8 प्रतिशत हो गया। विभिन्न सर्वे और अध्ययन रिपोर्टों में यह और ज्यादा बढ़ा और गंभीर स्थिति में पहुंच रहा है।
पीएम की मन की बात पर काम करेंगे सीएम धामी
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी के आह्वान के बाद राज्य सरकार उस पर पूरी गंभीरता के साथ काम करने जा रही है। सीएम धामी ने उच्चाधिकारियों को इस संबंध में एक कार्ययोजना बनाने को कह दिया है। जल्द ही वह इस संबंध में एक बैठक भी कर सकते हैं। इस बैठक में सीएम के समक्ष एक कार्ययोजना रखी जा सकती है।
राज्य की आर्थिक मजबूती के साथ यहां के निवासियों के स्वास्थ्य की मजबूती भी बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे लेकर बहुत संवेदनशील हैं। जब वे देश के लोगों से कोई अपील करते हैं, तो लोग उसे मानते हैं। सरकार के स्तर पर स्वास्थ्य प्रति जागरूक करने के लिए जो प्रयास पहले से हो रहे हैं, उनमें और तेजी लाई जाएगी। इसमें सभी का सहयोग लिया जाएगा।
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री