भागीरथी इको सेंसिटिव जोन के कारण निर्माणाधीन पन बिजली परियोजनाएं बंद करनी पड़ीं और कई प्रस्तावित योजनाएं शुरू नहीं हो पाईं। गंगा, उसकी सहायक नदियों पर दर्जनों परियोजनाएं फंसी हैं।
इनके निर्माण से आर्थिकी मजबूत होगी पर राज्य को इस विकास की कीमत चुकानी पड़ रही है। सीएम पुष्कर सिंह धामी भी नीति आयोग समेत सभी मंचों पर पर्यावरणीय सेवाओं के एवज में वित्तीय मदद की मांग कर रहे हैं। उनके आदेश पर अब पर्यावरणीय सेवाओं के सभी पहलुओं पर आंकड़ों की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट के जरिये ग्रीन बोनस की राह खोलने की अपील की जाएगी।
उत्तराखंड पूरे देश को पर्यावरणीय सेवाएं दे रहा है। इसके एवज हम केंद्र सरकार से वित्तीय सहयोग की मांग करते आए हैं। इसके पक्ष में हम पर्यावरणीय सेवाओं से जुड़े आंकड़ें जुटा रहे हैं ताकि वित्त आयोग के समक्ष हम ज्यादा और प्रभावी ढंग से पैरवी कर सकें।
- आर मीनाक्षी सुंदर, सचिव, नियोजन