उत्तराखंड में 150 महिला उपनिरीक्षकों की सीधी भर्ती परीक्षा की विस्तृत सूचना हम पाठकों तक नहीं पहुंचा सके, इसके लिए हमें खेद है। मगर यह हुआ कैसे? यह भी हम अपने पाठकों से साझा करना चाहेंगे।
दरअसल, डीजीपी बीएस सिद्धू ने निजी खुन्नस के चलते यह विज्ञापन अमर उजाला को नहीं दिया। निजी खुन्नस शब्द का इस्तेमाल हम इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि विज्ञापन रोकने का डीजीपी एक भी उचित कारण नहीं बता सकते।
डीजीपी नहीं चाहते कि वीर गिरवाली रेंज, मसूरी वन प्रभाग में भ्रष्ट तरीके से खरीदी गई जमीन संबंधी या उनके बारे में कोई भी प्रतिकूल खबर प्रकाशित हो। जबकि डीजीपी के इस भ्रष्टाचार को अमर उजाला ने ही उजागर किया था।