मातहत के मानवाधिकार हनन के मामले में शासन से जांच के आदेश के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को डीजीपी बीएस सिद्धू ने राज्य मानवाधिकार आयोग में रिव्यू पिटिशन दाखिल कर अपना पक्ष रखने की मांग की। आयोग ने डीजीपी का पक्ष सुनने के लिए 29 फरवरी की तारीख मुकर्रर की और तब तक जांच को स्थगित करने को कहा है।
विगत पांच जनवरी को सस्पेंड दरोगा निर्विकार सिंह की शिकायत पर आयोग ने शासन को डीजीपी के खिलाफ जांच के आदेश दिए थे। दो दिन पहले सरकार ने डीजीपी के खिलाफ शिकायतों की जांच के लिए अपर मुख्य सचिव एस रामास्वामी को जांच अधिकारी नियुक्त किया।
शासन द्वारा आदेश जारी करने के ठीक एक दिन बाद डीजीपी आयोग की शरण में पहुंचे और दलील दी कि जिन शिकायतों पर जांच कराने का आदेश हुआ है, उन्हें लेकर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट पहले ही रिट खारिज कर चुकी है। आयोग के चेयरमैन जस्टिस जैन ने बताया कि शिकायतकर्ता और डीजीपी दोनों को पेश होकर अपना-अपना पक्ष रखने को कहा है।