मुख्य सचिव ने कहा, प्रत्येक धार्मिक स्थल के लिए रूट और सर्कुलेशन प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं की संख्या का आंकलन करने के लिए तकनीक का उपयोग करते हुए भीड़ प्रबंधन प्रणाली तैयार करने निर्देश दिए हैं। पहले चरण में मनसा देवी, चंडी देवी, नीलकंठ, कैंचीधाम व पूर्णागिरि मंदिर में विशेषज्ञों के माध्यम से भीड़ प्रबंधन का सर्वे कराया जाएगा।
विशेषज्ञों की टीम मंदिर क्षेत्र का विश्लेषण कर भीड़ प्रबंधन, निकासी योजना और बॉटल नेक एरिया के लिए सिविल इंजीनियरिंग और तकनीकी पहलुओं का परीक्षण करने के बाद कार्ययोजना व एसओपी तैयार करेगी। बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, धीराज सिंह गर्ब्याल, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप मौजूद रहे।