लेकिन, स्पेशल कोर्ट सीबीआई देहरादून ने 1985 में तत्कालीन बैंक प्रबंधक को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था। जबकि, अशोक कुमार और सतीश कुमार आनंद को पांच-पांच साल की कठोर कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। लेकिन, सतीश कुमार आनंद उस वक्त से ही फरार चल रहा था। उसे न्यायालय ने वर्ष 2009 में आदेश जारी कर घोषित अपराधी घोषित कर दिया था।
लगातार सीबीआई उसकी तलाश कर रही थी। इस बीच बुधवार को उसे रोहिणी सेक्टर आठ, दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने सीबीआई को बताया कि वह दिल्ली में ही विभिन्न जगहों पर ठिकाने बदल बदल कर रह रहा था। सतीश कुमार आनंद वर्तमान में 75 वर्ष का है, जिसे सीबीआई ने स्पेशल कोर्ट में पेश किया। यहां से उसे सुद्धोवाला जेल भेज दिया गया है।