स्कूलों में मास्क अनिवार्य, केंद्र की गाइडलाइन के बाद एसओपी
प्रदेश में निजी और सरकारी स्कूलों में छात्र-छात्राओं और शिक्षक-कर्मचारियों के लिए मास्क की अनिवार्यता की गई है, लेकिन केंद्र के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के बाद ही एसओपी जारी हो सकती है। संभवतया एक या दो जनवरी को इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्यों की बैठक बुलाई जा सकती है।
एक दिन पहले स्कूलों में मास्क की अनिवार्यता के संबंध में मुख्य शिक्षाधिकारी डॉ. मुकुल कुमार सती ने देहरादून जिले के सभी सरकारी, निजी और अशासकीय स्कूलों के प्रधानाचार्यों को आदेश जारी किया था। प्रधानाचार्यों को भेजे पत्र में मुख्य शिक्षाधिकारी ने कहा कि कोरोना से बचाव और रोकथाम के लिए स्कूलों में थर्मल स्कैनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए। साथ ही स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएं। अमर उजाला से बातचीत में शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह आदेश केवल देहरादून या सरकारी स्कूलों के लिए ही नहीं है।
कहा कि प्रदेशभर के सभी स्कूलों को हिदायत दी गई है कि वह स्टाफ और बच्चों के लिए मास्क अनिवार्य रूप से लागू करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में एक या दो जनवरी 2023 को केंद्र सरकार की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग होनी है। जिस तरह के भी निर्देश मिलेंगे, उसी हिसाब से एसओपी जारी की जाएगी। फिलहाल देशभर में कहीं भी इस तरह की एसओपी जारी नहीं की गई है। हमने एहतियात के तौर पर मास्क इत्यादि के निर्देश जारी किए हैं।