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उत्तराखंड: एनसीडीसी को भेजे जाएंगे कोरोना सैंपल, कोविड केयर सेंटरों में भर्ती होंगे एसिंप्टोमेटिक मरीज

Sun, 07 Jun 2020 06:23 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सैंपलिंग बढ़ाने के लिए सरकार ने लिया फैसला
  • कोरोना बचाव कार्य में लगे डॉक्टरों को उच्च स्तर की सुरक्षा व रहने-खाने का इंतजामकरने का निर्देश
  • समर्पित कोविड अस्पतालों में गंभीर कोरोना मरीजों का इलाज
  • प्रदेश के सभी जिलों में बनाए 173 कोविड केयर सेंटर
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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प्रदेश में कोरोना सैंपलिंग बढ़ाने के लिए सरकार ने नई दिल्ली स्थित नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (एनसीडीसी) से सैंपल जांच कराने का निर्णय लिया है। प्रदेश से प्रतिदिन सैंपल जांच के लिए एनसीडीसी भेजे जाएंगे।

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कोरोना संक्रमण की निगरानी के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी केंद्रीय संयुक्त सचिव निधि मणि त्रिपाठी और प्रदेश के सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने वीडियो कांन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के डीएम और सीएमओ के साथ बैठक की। सचिव ने बताया कि शुक्रवार को केंद्रीय टीम ने टिहरी जिले का दौरा किया और कोरोना नियंत्रण के लिए व्यवस्थाओं और सुविधाओं को संतोषजनक पाया। टीम ने पंचायत प्रधानों के साथ कोरोना संक्रमण को लेकर की गई तैयारियों की पहल को सराहा। इसके बाद टीम हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल जिले का निरीक्षण करेगी।


बैठक में सचिव ने जिलों को निर्देश दिए कि कोरोना से बचाव कार्यों में लगे डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को सुरक्षा के सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं। जो डॉक्टर घर न जाकर अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं, उनके लिए ठहरने और खाने बेहतर सुविधाएं दी जाए।
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कोरोना संक्रमित स्वास्थ्य कर्मियों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना के लिए मुख्यमंत्री की ओर से शुभकामना संदेश भेज कर उनका मनोबल बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कोरोना सैंपलों की वेटिंग कम करने के लिए हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जिलों को निर्देश दिए कि तीन-तीन सौ सैंपल जांच के लिए एनसीडीसी भेजे जाएं। जिससे राज्य की लैब पर जांच का दबाव कम हो सके।

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कोविड केयर सेंटरों में भर्ती होंगे एसिंप्टोमेटिक मरीज

प्रदेश में समर्पित कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का दबाव कम करने के लिए अब एसिंप्टोमेटिक मरीजों (बिना लक्षण के संक्रमितों) को कोविड केयर सेंटरों में भर्ती किया जाएगा। इससे समर्पित कोविड अस्पतालों में संक्रमित मरीजों का दबाव कम होगा। कोविड अस्पतालों में संक्रमण से मरीज की स्थित गंभीर होने पर ही भर्ती किया जाएगा।

प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों की तीन श्रेणी बनाई हैं। पहली श्रेणी में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी), दूसरी श्रेणी में समर्पित कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) और तीसरी श्रेणी में समर्पित कोविड अस्पताल (डीसीएच) हैं। प्रदेश में पांच 8डीसीएच, 11 डीसीएचसी और 173 कोविड केयर सेंटर हैं। इन सभी में लगभग 18 हजार बेड की व्यवस्था की गई है।

अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए गाइडलाइन बनाई गई है। कोविड अस्पतालों में गंभीर संक्रमित मरीज का इलाज किया जाएगा। जबकि एसिंप्टोमेटिक मरीज को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा। प्रत्येक जिला स्तर पर कोविड केयर सेंटरों की संख्या बढ़ाई गई है।
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