प्रदेश में समर्पित कोविड अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का दबाव कम करने के लिए अब एसिंप्टोमेटिक मरीजों (बिना लक्षण के संक्रमितों) को कोविड केयर सेंटरों में भर्ती किया जाएगा। इससे समर्पित कोविड अस्पतालों में संक्रमित मरीजों का दबाव कम होगा। कोविड अस्पतालों में संक्रमण से मरीज की स्थित गंभीर होने पर ही भर्ती किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए अस्पतालों की तीन श्रेणी बनाई हैं। पहली श्रेणी में कोविड केयर सेंटर (सीसीसी), दूसरी श्रेणी में समर्पित कोविड हेल्थ सेंटर (डीसीएचसी) और तीसरी श्रेणी में समर्पित कोविड अस्पताल (डीसीएच) हैं। प्रदेश में पांच 8डीसीएच, 11 डीसीएचसी और 173 कोविड केयर सेंटर हैं। इन सभी में लगभग 18 हजार बेड की व्यवस्था की गई है।
अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए गाइडलाइन बनाई गई है। कोविड अस्पतालों में गंभीर संक्रमित मरीज का इलाज किया जाएगा। जबकि एसिंप्टोमेटिक मरीज को कोविड केयर सेंटर में भर्ती किया जाएगा। प्रत्येक जिला स्तर पर कोविड केयर सेंटरों की संख्या बढ़ाई गई है।