कोर्ट ने सरकार से पूछा था कि आदेश का अनुपालन क्यों नहीं किया गया। कोर्ट ने कहा था कि क्यों न इनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाए। रुलक संस्था ने पूर्व मुख्यमंत्री व महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को संवैधानिक पद पर होने की वजह से संविधान के अनुछेद 361 के तहत नोटिस भेजा था।
इसके तहत राज्यपाल व राष्ट्रपति के खिलाफ अवमानना याचिका दायर करने से दो माह पहले सूचना देनी होती है। नोटिस को 60 दिन 10 अक्तूबर को पूरे हो गए हैं। इसके बाद रूलक ने पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री कोश्यारी पर आवास और अन्य सुविधाओं का बाजार दर से 47 लाख 57 हजार, 758 रुपये बकाया है। इसके अतिरिक्त बिजली-पानी का बकाया भी है।