इसके बाद रौसिला के ग्रामीणों ने क्षेत्र में एक पिकप बीच सड़क पर खड़ी कर दी, जिससे पुलिसवाला कार आगे नहीं ले जा सका। लोगों ने घेराबंदी कर कार सवार को पकड़ लिया। ग्रामीणों की पूछताछ में कार सवार ने खुद को रीठा साहिब में तैनात कांस्टेबल अजीम खान बताया।
इस पर ग्रामीणों ने काठगोदाम पुलिस को सूचना दी। पुलिस के न पहुंचने पर ग्रामीणों ने रात में ही क्षेत्रीय पटवारी को मामले से अवगत कराया लेकिन पूरी रात इंतजार के बाद पटवारी भी नहीं पहुंचे। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने विरोध में सड़क जाम कर दी। इसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसी बीच एसपी चंपावत लोकेश्वर सिंह ने कांस्टेबल के निलंबन का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला।
पूर्व प्रधान नवीन पलड़िया ने कहा कि पुलिस कांस्टेबल अजीम ने युवक के साथ मारपीट कर उसे जाने से मारने की धमकी दी। विरोध करने वालों में प्रधान मुन्नी बेलवाल बीडीसी सदस्य संगीता बेलवाल, रौसिल प्रधान ललित मोहन, हेम भट्ट, भरत संमल, चिराग बोरा, पंकज सिंह, संजय साह सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।
नीरज ने बताया कि अपहरण के बाद अजीम ने उसे खुद के पुलिस में होने और शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी दी। अजीम की कार में शराब की बोतलों के साथ ही पुलिस की वर्दी भी रखी थी। विरोध करने पर अजीम ने उसे झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी। नीरज के अनुसार अजीम तेजी के साथ कार चला रहा था। अजीम के नशे में धुत्त होने के कारण कई बार कार का संतुलन भी बिगड़ा।
ग्रामीणों को दिखाया एक विधायक का रौब
अपहरणकर्ता अजीम ने जहां पहले नीरज को पुलिस का रौब दिखाकर डराया, वहीं ग्रामीणों की पकड़ में आने के बाद खुद को ऊधमसिंह नगर के एक विधायक का करीबी भी बताया। साथ ही उसने ग्रामीणों पर क्षेत्र में गो तस्करी करने के आरोप भी लगाए।
ओखलकांडा, पतलोट, हल्द्वानी के यात्री परेशान
सड़क जाम करने से हैड़ाखान-खनस्यू मोटर मार्ग से गुजरने वाले वाहनों को करीब छह घंटे तक इंतजार करना पड़ा, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। ग्रामीणों का कहना था कि अगर पुलिस और प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई की होती तो जाम लगाने की जरूरत नहीं पड़ती।