उत्तराखंड में चमोली जिले के नंदासैंण से कांग्रेस के प्रचार अभियान की शुरुआत के दौरान कई रोचक और चुटीले संवाद भी सुनने को मिले। कांग्रेसी नेताओं का आपसी प्यार दिखा तो तकरार और रार भी झलकी।
सांसद सतपाल महाराज के करीबी माने जाने वाले क्षेत्रीय विधायक डॉ. एपी मैखुरी ने सभा को संबोधित किया तो सीएम हरीश रावत को शेर-ए-उत्तराखंड बताया।
लेकिन पूर्व सीएम विजय बहुगुणा के साथ सांसद सतपाल महाराज को भी आदरणीय कहकर दोनों के प्रति अपने लगाव को सार्वजनिक किया।
बहुगुणा की वजह से रावत असहज
मैखुरी ने क्षेत्र के विकास में महाराज और बहुगुणा को भी हिस्सेदार बताकर मंच पर मौजूद हरीश रावत को थोड़ा असहज कर दिया। मौके की नजाकत भांपते हुए सीएम ने भी कहा कि खैरियत के लिए मैखुरी को प्रणाम करना होगा। मैखुरी डिप्टी स्पीकर भी हैं।
सीएम ने कहा कि अभी उनकी जुबान और हाथ बंधे हैं, लेकिन पांव खुले हैं। सभा में मौजूद पौड़ी के कांग्रेसी प्रत्याशी और कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी कहां पीछे रहते। कहा कि मैखुरी उन्हें (हरक को) नेता मानते हैं लेकिन सतपाल महाराज के सामने मानें तो बात बने।
खैरियत के लिए मैखुरी को प्रणाम
खैरियत के लिए मैखुरी को प्रणाम करना होगा। महाराज के सामने तो इन्होंने कुछ नहीं बोला, लेकिन हमारे सामने इनका मुंह पूरा खुला हुआ है। यदि मैं मैखुरी को साथ नहीं लाऊंगा तो ये मुझे निकाल देंगे।
मैखुरी हमारे कांग्रेस परिवार की जेठानी और जीतराम (थराली विधायक) देवरानी हैं। दोनों बहुओं को साथ रखकर ही घर की उन्नति की जा सकती है।
मैखुरी मुझे अपना नेता मानते हैं, लेकिन यह सतपाल महाराज के सामने मुझे अपना नेता मानें तो बात बने।
-हरक सिंह रावत, नंदासैण की जनसभा में