सरकार और कांग्रेस संगठन के बीच तमाम मुद्दों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दो दिन पूर्व सरकार पर पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने अब लालबत्ती बांटने को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय ने कहा कि सरकार की ओर से लालबत्ती बांटते समय पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा नहीं की जानी चाहिए। इस मुद्दे पर उन्होंने छह जून को सभी जिलाध्यक्षों को देहरादून भी बुलाया है।
लालबत्ती पर शुरू हुआ विरोध
सरकार ने दो दिन पूर्व दर्जनभर विधायकों को लालबत्ती से नवाजा है। जिसे लेकर कांग्रेस पार्टी में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। किशोर उपाध्याय ने साफ तौर पर कह दिया है कि लालबत्ती बांटते समय मुख्यमंत्री हरीश रावत और सरकार को पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री या फिर सरकार के स्तर से पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होगी तो इसके दूरगामी परिणाम नजर आएंगे।
प्रदेश अध्यक्ष ने छह जून को सभी जिलाध्यक्षों की बैठक भी बुलाई है। जिसमें इस मुद्दे पर भी चर्चा होगी। उपाध्याय का कहना है कि यदि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा का पूरी तरह सफाया करना है तो पार्टी पदाधिकारियाें, कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाना ही होगा।