कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल
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प्रदेश कांग्रेस ने धामी सरकार पर प्रदेश की 7000 बीघा बेशकीमती सरकारी जमीन निजी और कॉरपोरेट घरानों को देने का आरोप लगाया है। आरोप है सरकार ने जमीन 90 साल की लीज पर देने का फैसला लिया है। प्रदेश कांग्रेस चार्जशीट कमेटी ने इसे भू-माफिया को लाभ पहुंचाने और राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।
राजपुर रोड स्थित एक होटल में मीडिया से वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि धामी सरकार ने अपने कार्यकाल में बेशकीमती भूमि को खुर्दबुर्द किया है। सरकारी भूमि को अपने चहेतों को कौडियों के भाव बेचा जा रहा है। कांग्रेस चार्जशीट कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने सवाल उठाया कि जब आम नागरिकों के लिए जमीन खरीदने की सीमा 250 वर्गमीटर है, तो सरकार 7000 बीघा जमीन कॉर्पोरेट्स को क्यों दे रही है।
माहरा ने कहा, व्यावसायिक उपयोग वाली इस जमीन का किराया कृषि भूमि के सर्किल रेट पर तय किया जा रहा है। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा। उन्होंने आशंका जताई कि 90 साल की यह लीज भविष्य में स्थायी स्वामित्व में बदल सकती है।
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नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि सरकार ने स्थानीय लोगों के जल-जंगल-जमीन के अधिकारों का हनन किया है। उन्होंने उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआइआईडीबी) के गठन को कॉर्पोरेट घरानों को जमीन बेचने का षड्यंत्र बताया। उन्होंने जॉर्ज एवरेस्ट मामले में भी सरकार पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, एशियाई विकास बैंक के ऋण से विकसित 142 एकड़ पर्यटन क्षेत्र को 15 वर्ष के लिए निजी ऑपरेटर को एक करोड़ रुपये वार्षिक कंसेशन फीस पर दिया गया। कांग्रेस ने टेंडर प्रक्रिया में धांधली और कंपनियों के बीच सांठगांठ का आरोप लगाया। चार्जशीट कमेटी के सदस्य मनोज रावत ने स्वास्थ्य विभाग को बिना बताए एक बड़े अस्पताल के लिए 23,137 वर्ग मीटर भू-आवंटन रद्द करने का मामला उठाया।