प्रभारी का पत्र एक दिन पहले मीडिया में आया है। यदि हम कार्यक्रम में नहीं पहुंचते तो एक गलत संदेश जाता और इसका नुकसान कांग्रेस व स्थानीय विधायक को उठाना पड़ता। कार्यक्रम में ऐसा वातावरण दिखाई दिया कि लोगों ने उत्तराखंड में बदलाव का मन बनाया है। मेरा मन किसके साथ है और किसके साथ नहीं है। इस पर मुझे सफाई देने की आवश्यकता नहीं है। मेरा मन तो कांग्रेस के साथ है। प्रदेश प्रभारी के पत्र पर हरीश रावत ने अपनी बात रख दी है। इस मामले को तिल का ताड़ बनाया जा रहा है।
कांग्रेस में टिकट को लेकर परिवारवाद आरोप लगते हैं हरीश रावत भी बेटी के साथ इस बार बेटे के लिए टिकट चाहते हैं, के जवाब में प्रीतम ने कहा कि परिवारवाद का नारा अच्छा लगता है, लेकिन जिस घर में डॉक्टर होता है उसका बेटा डॉक्टर बनता है। हम राजनीति के करीबी रहते हैं। हर पांच में इम्तिहान देना पड़ता है, और उसमें पास होते हैं। जनता तय करती है किसे जीतना है, किसे नहीं। जनता ही परिवारवाद का जवाब देती है।
मुख्यमंत्री के दावेदार की दौड़ के सवाल पर प्रीतम सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिए संयुक्त रूप से चुनाव मैदान में जाएं। चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस विधानमंडल दल व राष्ट्रीय नेतृत्व तय करेगा किसे जिम्मेदारी देना है। जो भी जिम्मेदारी मिलेगी, हम उसका निर्वहन करेंगे। मुझे जब भी कोई जिम्मेदारी सौंपी गई, उस पद पर ईमानदारी व निष्ठा से काम किया।