लगातार सोशल मीडिया में लोगों की तल्ख टिप्पणियों का सामना कर रहे प्रदेश के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के समर्थन में भी लोग नजर आने लगे। बृहस्पतिवार को शोभना रावत स्वामी ने लिखा-बात तो संस्कृति की ही थी। फटी जींस का केवल उदाहरण दिया गया था। इसमें बुराई क्या है। बाकी जिनकों यह फटी जींस की संस्कृति पसंद है, उन पर कोई रोक नहीं लगाई है। कई और लोगों ने फेसबुक और ट्वीटर पर मुख्यमंत्री के बयान को सही ठहराया।
मुख्यमंत्री का उद्देश्य ऐसा नहीं था, उनका ध्येय था कि समाज के बीच संस्कार विद्यमान होने चाहिए। संस्कार के आधार पर ही समाज मजबूत बनता है।
-मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
महिलाओं का सम्मान करना ही हम लोगों की संस्कृति में है। इसी को अच्छे दृष्टिकोण से देखने के संदर्भ में सीएम ने कहा होगा। इस पर कोई राजनीति कर रहा है, वह गलत है। महिलाएं हमारी पूजनीय हैं। देवीतुल्य हैं। मां-बहन तुल्य हैं। बेटी तुल्य हैं। उनके लिए सीएम साहब कभी नकारात्मक भाव में कह ही नहीं सकते।
-अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार
मुुख्यमंत्री ने भारतीय मूल्यों के बारे में कहा था। हर किसी की अपनी पसंद है, चाहे वह महिला हो या पुरुष। उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। ऐसी बातों का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए।
-सुबोध उनियाल, शासकीय प्रवक्ता, उत्तराखंड सरकार
कार्यक्रम में सहयोगी रहे मंत्री ने किया जींस के शोरूम का उद्घाटन
जिस बाल आयोग के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने जींस को लेकर विवादित बयान दिया था, उसी कार्यक्रम में शामिल हुए कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने बृहस्पतिवार को राजपुर रोड पर एक जींस के शोरूम का उद्घाटन किया। उन्होंने शोरूम के मालिक को बधाई दी।
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के शिष्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के महिलाओं के फटी जींस पहनने के बयान की निंदा की है। उन्होंने कहा कि महिलाएं क्या पहनेंगी उनका अधिकार है, सीएम को चिंता छोड़ देनी चाहिए। जिम्मेदार पद पर बैठकर पहनावे पर आलोचना करना ठीक नहीं है। अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद विवि की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव के अजान पर दिए बयान पर भी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि अजान माइक पर क्यों पढ़ी जाए। मुस्लिम भाइयों को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि हिंदुओं के मंदिरों पर माइक पर शिव तांडव सुनाई जाए तो देशभर में तांडव शुरू हो जाएगा।
कनखल स्थित शंकराचार्य मठ में आयोजित पत्रकार वार्ता में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को महिलाओं के पहनावे पर बोलने से पहले भारतीय संस्कृति का ख्याल रखना चाहिए। भारतीय संस्कृति को बढ़ावा दें, अच्छी बात है। लेकिन पहनावे पर आलोचना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि मदरसों में इस्लाम की शिक्षा दी जाती है। ईसाई अपने धर्म की शिक्षा देते हैं। देश में सबसे ज्यादा हिंदू हैं, लेकिन किसी भी विद्यालय में भारतीय संस्कृति एवं धर्म की शिक्षा नहीं दी जाती है। विद्यालयों में भारतीय संस्कृति एवं धर्म की शिक्षा शुरू होगी तो बदलाव आएगा।
अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव के अजान पर दिए बयान को करोड़ों लोगों की आवाज बताया है। उन्होंने कहा कि कोई बड़ा व्यक्ति जब बोलता है तभी इसकी चर्चा होती है। करोड़ों लोग हैं अजान की वजह से उनकी नींद में खलल होता है। संतों का ध्यान लगाना मुश्किल हो जाता है। परेशानी सभी लोगों को है। इस तरह के कार्य से हम किसी दूसरे धर्म के लोगों को परेशान नहीं कर सकते हैं।