मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयानों पर छिड़े विवाद से सड़क से लेकर संसद तक में बयानों पर उबाल दिखा। विपक्षी पार्टियों समेत विभिन्न संगठनों ने सीएम के जींस और फिर शॉर्ट्स से संबंधित बयान की जमकर आलोचना की।
शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को राज्यसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के मुद्दों की जगह नेताओं का ध्यान महिलाओं के कपड़ों पर है। उन्होंने तीखी टिप्पणी कर कहा कि महिलाओं के कपड़ों को जज करने का अधिकार नेताओं को किसने दिया।
वहीं, समाजवादी पार्टी से सांसद जया बच्चन, तृणमूल कांग्रेस से सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल समेत कई हस्तियों ने तीरथ के बयान की निंदा की।
वहीं, अभिनेत्री गुल पनाग, अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या, कंगना रानौत समेत कई अभिनेत्रियों और मॉडल्स ने भी सोशल मीडिया पर जींस और शॉर्ट्स में अपनी तस्वीरें पोस्ट कर सीएम के बयान की निंदा की।
सीएम तीरथ सिंह रावत की पत्नी डॉ. रश्मि त्यागी रावत भी उनके बचाव में उतर आई हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ' सीएम ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर की बात की है। अगर हम भारत में रहकर भी अपनी वेशभूषा और आचार विचार की बात नहीं करेंगे तो क्या विदेश में करेंगे। सामान्य और मीडिल क्लास व्यक्ति अपनी सांस्कृति धरोहर को बनाए रखने में सक्षम है। जो लोग हो हल्ला कर रहे हैं वे एलीट क्लास हैं, उन्हें हमारी जन समस्याओं से सरोकार नहीं है। वे हमेशा अपने घर और समाज में महिलाओं को इतनी इज्ज्त देते हैं, जो लोग ऐसा कह रहे हैं उनकी क्षुद्र मानसिकता है।
जींस इतना बड़ा मु़द्दा हो गया क्या? हमारे उत्तराखंड में कई तरह की समस्याएं हैं जिनपर हमें विचार करना चाहिए। अगर हम इस तरह के विवादों में पड़ेंगे तो प्रदेश का विकास कैसे होगा। जनता जानती है कि ये क्षुद्र मानसिकता और राजनैतिक लोगों का षड्यंत्र है। इससे सीएम की कार्यशैली पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे निरंतर प्रदेश के विकास के लिए काम करते रहेंगे। '