फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: फटी जींस के विवादित बयान पर घिरे सीएम तीरथ सिंह रावत ने मांगी क्षमा, कही ये बात

Fri, 19 Mar 2021 08:41 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
तीरथ सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

फटी जींस को लेकर दिल्ली से दून तक मचे बवाल के बीच मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार को चुप्पी तोड़ी। बकौल मुख्यमंत्री, वह बच्चों का कार्यक्रम था। मैंने एक पिता व एक अभिभावक होने के नाते उन्हें संस्कारों के बारे में जानकारी दी। मेरा जींस से कोई विरोध नहीं। मैंने फटी जींस का विरोध किया। फिर भी यदि किसी को मेरे कथन से ठेस पहुंची हो तो इसके लिए क्षमा चाहता हूं।

विज्ञापन


बता दें कि मुख्यमंत्री के बयान को लेकर प्रदेश की सियासत से लेकर संसद तक में खासा उबाल रहा। अमर उजाला ने मुख्यमंत्री से इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि मेरा मकसद किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। मैं खुद एक सामान्य ग्रामीण परिवेश से आया हूं। जब हम स्कूल जाते थे तो कई बार पैंट फट जाती थी। हमें लगता था कि स्कूल कैसे जाएंगे। कहीं गुरुजी डांटेंगे तो नहीं। यह एक अनुशासन और संस्कार था।

फिर हम फटी पैंट पर पैच लगाकर स्कूल जाते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस कार्यक्रम में मैंने यह बातें कहीं, वह बच्चों को लेकर ही आयोजित किया गया था। आज बच्चे नशे जैसी बुरी विकृतियों का शिकार हो रहे हैं। मैंने एक पिता, एक अभिभावक होने के नाते घर पर बच्चों को संस्कार देने की बात कही। बच्चा ज्यादा समय परिवार में ही रहता है। परिवार से ही उसे संस्कार मिलते हैं।
विज्ञापन


मेरी भी बेटी है, मेरा भी परिवार है
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी भी बेटी है, परिवार है। मैंने घर पर संस्कारों की बात कही है, यह मुझ पर भी लागू होता है।

...इसलिए मोदी जी हैं हमारे आदर्श
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम हमारे आदर्श हैं, राम जी ने जिस तरह से समाज के लिए कार्य किया, राक्षस प्रवृत्ति के लोगों को समाप्त किया, इसी तरह वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी देश हित में कार्य कर रहे हैं, इसलिए वह भी हमारे आदर्श हैं। उसी अनुरूप हम उन्हें आदर्श मान रहे हैं।

उत्तराखंड: आठ दिन में इन चार विवादित बयानों से सुर्खियों में आए सीएम तीरथ, सड़क से संसद तक दिखा उबाल 

ये कहा था सीएम ने
मुख्यमंत्री ने बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों में बढ़ती नशे की प्रवृति विषय पर आयोजित कार्यशाला में विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि जब वह युवाओं को फटी जींस पहनकर घूमते देखते हैं तो उन्हें आश्चर्य होता है। उन्होंने एक संस्मरण का जिक्र करते हुए कहा कि वह जयपुर से दिल्ली की फ्लाइट पर बैठे हुए थे। उनके बगल में एक महिला बैठी हुई थी। महिला एक एनजीओ चलाती थीं, जबकि उसके पति एक कॉलेज में प्रोफेसर थे। उस महिला ने पांव में गमबूट और घुटनों में फटी जींस पहनी हुई थी। महिला के साथ उसके दो बच्चे भी थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि, एनजीओ चलाती हैं, पति जेएनयू में प्रोफेसर हैं, घुटने फटे दिख रहे हैं, समाज के बीच में जाती हैं, बच्चे साथ में है। क्या संस्कार दे रही हैं।

देशभर में हो रही आलोचना

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयानों पर छिड़े विवाद से सड़क से लेकर संसद तक में बयानों पर उबाल दिखा। विपक्षी पार्टियों समेत विभिन्न संगठनों ने सीएम के जींस और फिर शॉर्ट्स से संबंधित बयान की जमकर आलोचना की।

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इस मामले को राज्यसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के मुद्दों की जगह नेताओं का ध्यान महिलाओं के कपड़ों पर है। उन्होंने तीखी टिप्पणी कर कहा कि महिलाओं के कपड़ों को जज करने का अधिकार नेताओं को किसने दिया।

वहीं, समाजवादी पार्टी से सांसद जया बच्चन, तृणमूल कांग्रेस से सांसद महुआ मोइत्रा, कांग्रेस राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल समेत कई हस्तियों ने तीरथ के बयान की निंदा की।

वहीं, अभिनेत्री गुल पनाग, अमिताभ बच्चन की नातिन नव्या, कंगना रानौत समेत कई अभिनेत्रियों और मॉडल्स ने भी सोशल मीडिया पर जींस और शॉर्ट्स में अपनी तस्वीरें पोस्ट कर सीएम के बयान की निंदा की। 
विज्ञापन

बचाव में आईं पत्नी

सीएम तीरथ सिंह रावत की पत्नी डॉ. रश्मि त्यागी रावत भी उनके बचाव में उतर आई हैं। उन्होंने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि ' सीएम ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर की बात की है। अगर हम भारत में रहकर भी अपनी वेशभूषा और आचार विचार की बात नहीं करेंगे तो क्या विदेश में करेंगे। सामान्य और मीडिल क्लास व्यक्ति अपनी सांस्कृति धरोहर को बनाए रखने में सक्षम है। जो लोग हो हल्ला कर रहे हैं वे एलीट क्लास हैं, उन्हें हमारी जन समस्याओं से सरोकार नहीं है। वे हमेशा अपने घर और समाज में महिलाओं को इतनी इज्ज्त देते हैं, जो लोग ऐसा कह रहे हैं उनकी क्षुद्र मानसिकता है।

जींस इतना बड़ा मु़द्दा हो गया क्या? हमारे उत्तराखंड में कई तरह की समस्याएं हैं जिनपर हमें विचार करना चाहिए। अगर हम इस तरह के विवादों में पड़ेंगे तो प्रदेश का विकास कैसे होगा। जनता जानती है कि ये क्षुद्र मानसिकता और राजनैतिक लोगों का षड्यंत्र है। इससे सीएम की कार्यशैली पर कोई असर नहीं पड़ेगा। वे निरंतर प्रदेश के विकास के लिए काम करते रहेंगे। '
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें