मुख्यमंत्री से लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष तक सभी ऐसी किसी भी संभावना से साफ इनकार कर चुके हैं। लेकिन इन अटकलों के बीच पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत बृहस्पतिवार को ऋषिकेश पहुंचे, जहां उन्होंने कांग्रेसजनों के साथ धरना दिया। हरीश रावत के धरने की सियासत का शोर सचिवालय के गलियारों तक भी पहुंचा।
सचिवालय में मुख्यमंत्री जब सांसद आदर्श ग्राम योजना की बैठक से बाहर निकले तो मीडियाकर्मियों ने उनसे हरीश रावत के धरने के बारे में पूछा। मुख्यमंत्री ने धरने पर यह कहकर तंज किया,‘ हरीश रावत जी को रात को सपना होता है और वे सुबह धरने पर बैठ जाते हैं। मेरे संज्ञान में आज तक नहीं है कि टीएचडीसी का निजीकरण हो रहा है।
हरीश रावत जी कृपया इस तरह से जनता को बरगलाने का काम न करें।’ सीएम की इस नसीहत पर हरीश रावत ने चुटीले अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘वे विधानसभा में सत्र बुलाकर प्रस्ताव पास करा दें कि टीएचडीसी का कोई निजीकरण नहीं होगा। हम मान जाएंगे। बाकी हम जानते हैं कि त्रिवेंद्र सिंह उसे नहीं बेचना चाहेंगे। लेकिन मोदी जी ने उन्हें कह दिया बेचो तो त्रिवेंद्र कुछ नहीं कर पाएंगे।’