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Uttarakhand: सभी जिलों में शुरू होगी 'सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना', CM धामी करेंगे दूसरे चरण का शुभारंभ

Tue, 21 Jul 2026 10:40 PM IST
Alka Tyagi अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बीएल राणा के मुताबिक मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है।
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सीएम धामी - फोटो : सूचना
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विस्तार
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प्रदेश की एकल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब सभी जिलों में सीएम एकल महिला स्वरोजगार योजना शुरू होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज मुख्य सेवक सदन में आठ जिलों के लिए योजना के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। योजना के तहत महिलाओं को परियोजना लागत पर 75 फीसदी सब्सिडी दी जाती है।

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महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के निदेशक बीएल राणा के मुताबिक मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना एक सशक्त महिला उद्यमी योजना है। यह योजना राज्य की एकल महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने एवं आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में कारगर साबित होगी। योजना के तहत दूसरे चरण में आज अल्मोड़ा की 26, चंपावत की 25, चमोली की 29, हरिद्वार की 32, रुद्रप्रयाग की 17, पिथौरागढ़ की 40, उत्तरकाशी की 42 एवं देहरादून की एक महिला को लाभान्वित किया जाएगा।

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ये हैं एकल महिलाएं
विधवा, परित्यक्ता, तलाकशुदा, किन्नर, अविवाहित महिला जो परिवार पर आश्रित न हो, एसिड हमले से पीड़ित एकल महिलाएं।

योजना का उद्देश्य
योजना का मुख्य उद्देश्य एकल महिलाओं को उनके निवास स्थान गांव एवं क्षेत्र में ही रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है। ताकि आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करते हुए उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान कर उनके जीवन में गुणात्मक सुधार आए।

योजना के लिए पात्र महिलाएं
महिलाएं उत्तराखंड की मूल एवं स्थायी निवासी होनी चाहिए, जिनकी न्यूनतम आय 21 से अधिकतम 50 वर्ष हो। समाज कल्याण विभाग से चयनित परित्यक्ता महिला पात्र होंगी। समाज कल्याण विभाग में परित्यक्ता पंजीकरण न होने पर गांव में ग्राम प्रधान और शहरी क्षेत्रों में निकाय अध्यक्ष की ओर से इसका प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

महिला को देना होता है 25 प्रतिशत अंशदान
योजना के तहत महिलाओं को अधिकतम दो लाख की परियोजना लागत पर डेढ़ लाख रुपये अनुदान दिया जाता है। जबकि 25 प्रतिशत महिला की ओर से स्वयं अंशदान देय होता है।
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