इसके बाद उनका शव कमरे में बेड पर मिला था। उनकी राइफल नीचे फर्श पर पड़ी थी। चर्चाएं हुईं कि वह भागवत में जाने के लिए छुट्टी मांग रहे थे। नहीं मिली तो उन्होंने आत्महत्या कर ली, लेकिन पुलिस ने जब जांच की तो पता चला कि उनकी छुट्टी एडवांस में ही 16 जून से मंजूर हो चुकी थी।
पुलिस अधिकारियों ने इसे हादसा भी बताया और कहा कि हो सकता है कि रावत अपनी राइफल साफ कर रहे होंगे या देख रहे होंगे इस बीच गोली चल गई। गोली उनके गले में लगी और गर्दन को छेदती हुई पीछे दीवार में जा घुसी।
शव लेकर पौड़ी रवाना हुए परिजन
प्रमोद के शव का शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम हाउस में उनके परिजन भी मौजूद रहे। उन्होंने किसी भी पुलिस अधिकारी से बात नहीं की। इसके बाद शव लेकर वह पौड़ी रवाना हो गए। वहां पर प्रमोद के शव का अंतिम संस्कार कराया गया। एसपी सिटी सरिता डोबाल ने बताया कि मामले में अभी जांच की जा रही है। पुलिस अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।