गैरसैंण में कौशल विकास योजना के तहत स्थापित होने वाले सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की कार्ययोजना 20 नवंबर तक तैयार हो जाएगी। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने शुक्रवार को अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य स्थापना दिवस पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की घोषणा की थी।
मुख्यमंत्री ने पलायन आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. एसएस नेगी, मुख्यमंत्री के तकनीकी सलाहकार डॉ. नरेंद्र सिंह एवं निदेशक कौशल विकास डॉ. आर राजेश कुमार को 20 नवंबर कौशल विकास एवं विभिन्न व्यवस्थाओं की रूपरेखा तैयार करने को कहा।
गैरसैंण में यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस यूएनडीपी के सहयोग से बनाया जाएगा। इसमें लोगों को उद्यमिता विकास एवं आजीविका बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण दिए जाएंगे। शुरुआती चरण में यूएनडीपी इससे संबंधित प्रशिक्षण देगा।
यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थानीय स्तर पर लोगों की आर्थिकी में सुधार एवं कौशल विकास की दिशा में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन को रोकने एवं लोगों की आर्थिकी में सुधार की दिशा में राज्य सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश में स्थापित किये जा रहे विभिन्न रूरल ग्रोथ सेंटर भी लोगों की आर्थिकी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।