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गाड़-गदेरे बनेंगे आय के नए स्रोत : सीएम

Sat, 20 Feb 2016 12:22 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुप्तकाशी
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मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को यूजेवीएन की ओर से ग्राम पंचायत ल्वारा व सेमी भैंसारी के लिए बनने वाली 1.5 मेगावाट की लघु जल विद्युत परियोजना का शिलान्यास किया। इस मौके पर ल्वारा व सेमी-भैंसारी के ग्राम प्रधान और यूजेवीएन के परियोजना प्रबंधक ने समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए। यह परियोजना दो वर्ष में बनकर तैयार होगी और इसके निर्माण पर 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
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यहां राजकीय इंटर कालेज परिसर में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्र में गाड़-गदेरे ग्रामीणों की आमदनी का मुख्य जरिया हैं। ऐसे में इन प्राकृतिक स्रोतों का बेहतर उपयोग कर गांवों को समृद्ध किया जाएगा। यूजेवीएन की यह लघु जल विद्युत परियोजना ल्वारा और सेमी-भैंसारी के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी।

उन्होंने कहा कि सरकारी पूंजी से विकास संभव नहीं है, ऐसे में प्राइवेट स्तर पर आय के नए स्रोत अर्जित करने होंगे। उन्होंने व्यवसायिक खेती को बढ़ाना देने के साथ ही शिल्प के संरक्षण की बात भी कही।
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केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत ने कहा कि केदारघाटी के विकास में लघु जल विद्युत परियोजनाएं अहम भूमिका निभाएंगी। ऊर्जा सचिव डा. उमाकांत पंवार ने 1.5 मेगावाट ल्वारा-सेमी-भैंसारी लघु जल विद्युत परियोजना के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में यूजेवीएन के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा, महाप्रबंधक सिविल अजय, बीसी मिश्रा, डा. अविनाश चंद्र जोशी सहित क्षेत्र के जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे।

मॉडल स्कूल का शुभारंभ
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जीआईसी अगस्त्यमुनि को मॉडल स्कूल बनाने का शुभारंभ भी किया। कहा कि यह विद्यालय मॉडल विद्यालयों को रोशनी दिखाने का काम करेगा। सीएम ने बीते दो दशक में शिक्षा के स्तर में आई गिरावट पर भी चिंता जताई और सबके सहयोग से इसे बेहतर करने की बात कही।
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मुख्यमंत्री की घोषणाएं
- मॉडल स्कूल जीआईसी गुप्तकाशी में पुस्तकों की खरीद के लिए 2 लाख रुपये।
- जाख देवता मंदिर के सुंदरीकरण के लिए 10 लाख रुपये।
- ग्राम पंचायत ल्वारा में खेल मैदान की स्वीकृति।
- भीरी-मयाली मार्ग पर पैदल पुल की स्वीकृति।
- केदारघाटी में अलग-अलग गांवों के लिए 2 से 3 किमी की पांच सड़कों के निर्माण की स्वीकृति।
- अगले तीन माह में प्रदेश में 80 फीसदी प्रधानाचार्य व शिक्षकों के पद भरे जाएंगे।
- प्रदेश में 3500 एलटी शिक्षकों की होगी तैनाती।
- प्रदेश में इस वर्ष बनेंगी 500 नई सड़कें।
- गेस्ट टीचरों को नहीं निकाला जाएगा। निकाले गए भी होंगे पुन: तैनात।
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