हल्द्वानी स्थित उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक मुख्यालय भवन के भूमिपूजन समारोह में मुख्यमंत्री हरीश रावत के दिल की बात आखिर जुबां पर आ ही गई।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की वित्तीय खजाने और खर्चों की स्थिति सबके सामने रख दी। वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश भी मुख्यमंत्री के समर्थन में खड़ी दिखीं। मुख्यमंत्री को मंच से बोलना पड़ा ‘मैं तो ढोलची हूं और चला जाऊंगा’ खजाने की स्थिति तो इंदिरा जी को ही देखनी है।
सहकारिता सहभागिता योजना के तहत कोऑपरेटिव बैंकों से काश्तकारों एवं उद्यमियों को सस्ते ब्याज पर ऋण दिया जाता है। इसमें सरकार सब्सिडी देती है। सरकार पर सब्सिडी की 65 करोड़ की देनदारी है। उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक अध्यक्ष संजीव आर्य और सहकारिता मंत्री यशपाल आर्य ने अनुपूरक बजट में 65 करोड़ की देनदारी आवंटित करने की मांग की।