चिकित्सा शिक्षा को बढ़ाने पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के साथ चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ जनजागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सीएम ने महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास को राज्य की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि इस दिशा में निरंतर और परिणामोन्मुख प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने बच्चों को कुपोषण से मुक्त बनाने व महिलाओं में एनीमिया की समस्या के प्रभावी समाधान के लिए समन्वित कार्ययोजना तैयार कर उसे धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया।
वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रभावी योजना पर हो काम
सीएम ने कहा, राज्य में कृषि, बागवानी, पर्यटन, जल संसाधन, जैव विविधता, कौशल विकास के साथ अन्य संभावनाओं वाले क्षेत्रों में विषय विशेषज्ञों के साथ नीति आयोग के सहयोग से नियमित विचार-विमर्श आयोजित किए जाएं। इससे राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यवहारिक व नवाचार आधारित नीतियां तैयार करने में सहायता मिलेगी। वर्षा जल संरक्षण के लिए प्रभावी और दीर्घकालिक योजनाओं पर विशेष रूप से कार्य किया जाना चाहिए। प्रदेश के लोगों की आजीविका के संसाधनों में वृद्धि, स्थानीय रोजगार सृजन व सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए बेहतर नीति निर्धारण की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और नीति आयोग के बीच समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड के सर्वांगीण व संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।