मुख्यमंत्री हरीश रावत का कहना है कि मलिन बस्ती वालों को नए साल में तोहफा मिल जाएगा। जिन क्षेत्रों को मलिन बस्ती कहा जाता है, वर्ष 2016 में उसकी परिभाषा बदल जाएगी। मुख्यमंत्री कांग्रेस के बातचीत कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि बोले रहे थे।
विधायक राजकुमार की ओर से आयोजित बातचीत कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दून नगर निगम से लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि प्रधानमंत्री ने एक माह में प्रत्येक व्यक्ति के खाते में 15 लाख रुपये आने का दावा किया था। आम जनता के खाते में यह पैसा तो नहीं आया, लेकिन भाजपाइयों के खाते में जरूर आ गया।
दून में सफाई व्यवस्था पर तंज कसते हुए कहा कि नगर निगम सफाई के लिए मिली धनराशि को भी नहीं खर्च कर पा रहा है। कूड़ेदान को भूमिगत करने के लिए एक करोड़ रुपया दिया गया, लेकिन उसे खर्च तक नहीं किया गया। घर-घर से कूड़ा उठाने जो गाड़ी आती है वह नगर निगम की नहीं है। सरकार इसका पैसा देती है। नगर निगम टैक्स लेता है, लेकिन कूड़ेदान तक नहीं देता है।
मलिन बस्तियों पर रिपोर्ट सौंपी
मलिन बस्तियों पर रिपोर्ट बनाने के लिए सीएम की ओर से गठित मलिन बस्ती सुधार समति के अध्यक्ष राजपुर विधायक राजकुमार ने मलिन बस्तियों पर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री हरीश रावत को सौंप दी। इसके बाद सीएम ने कहा कि अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति बनाई जाएगी जो इस रिपोर्ट का अध्ययन करके कैबिनेट में प्रस्तुत करेगी।
देर से पहुंचे, जाने की जल्दी
बातचीत कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीन घंटे देरी से पहुंचे। सुबह 11 बजे शुरू होने वाले कार्यक्रम में वह दो बजे पहुंचे, लेकिन कार्यक्रम में पहुंचते ही उन्हें दूसरे कार्यक्रम में जाने की जल्दी थी।
इस पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि कुछ ऐसी चीजें हो गई हैं जिसकी वजह से बातचीत का कार्यक्रम नहीं कर पा रहे हैं। सरकार की योजनाओं और मलिन बस्तियों पर चर्चा होनी थी, लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद दून में हैं। इस वजह से जल्द जाना पड़ रहा है।